भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की प्रमुख पहल ICMR-MINDS को National Awards for e-Governance 2026 में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान Department of Administrative Reforms and Public Grievances (DARPG) द्वारा AI और नई तकनीकों के माध्यम से नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने की श्रेणी में दिया गया.
यह सम्मान 29वें National Conference on e-Governance (NCeG) 2026 के दौरान जयपुर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया.
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ICMR-MINDS क्या है?
ICMR-MINDS एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान परियोजना है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य और नशा संबंधी विकारों की स्क्रीनिंग और उपचार को अन्य गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) के साथ एकीकृत करना है.
इस परियोजना में Clinical Decision Support System (CDSS) का उपयोग किया गया है, जो प्रशिक्षित फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों को विशेषज्ञों की सहायता के बिना भी मानकीकृत मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं देने में मदद करता है.
AI आधारित प्लेटफॉर्म कैसे करता है काम?
ICMR-MINDS का डिजिटल प्लेटफॉर्म कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराता है.
- AI आधारित Clinical Decision Support System
- मानसिक स्वास्थ्य की डिजिटल स्क्रीनिंग और मूल्यांकन
- फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए चरणबद्ध क्लिनिकल मार्गदर्शन
- ऑफलाइन मोड में कार्य करने की सुविधा
- बहुभाषी इंटरफेस
- उपयोगकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए गेमिफाइड फीचर्स
- रियल टाइम एडमिन डैशबोर्ड
- मरीजों के रेफरल और फॉलो-अप की डिजिटल व्यवस्था
मरीजों को क्या होगा लाभ?
इस पहल से मरीजों को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही नियमित मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
इसके प्रमुख लाभ हैं.
- विशेषज्ञ डॉक्टरों पर कार्यभार कम होगा.
- मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा.
- उपचार बीच में छोड़ने की संभावना घटेगी.
- फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी अधिक प्रभावी सेवाएं दे सकेंगे.
- जटिल मामलों पर विशेषज्ञ अधिक ध्यान दे सकेंगे.
किन राज्यों में लागू है परियोजना?
ICMR-MINDS वर्तमान में सात राज्यों में सात प्रमुख संस्थानों के सहयोग से संचालित की जा रही है.
- असम – AIIMS गुवाहाटी
- गुजरात – Gujarat Institute of Mental Health
- हरियाणा – AIIMS नई दिल्ली
- कर्नाटक – St. John’s Medical College, बेंगलुरु
- मध्य प्रदेश – AIIMS भोपाल
- ओडिशा – AIIMS भुवनेश्वर
- पंजाब – PGIMER चंडीगढ़
ICMR महानिदेशक ने क्या कहा?
ICMR के महानिदेशक और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव डॉ. राजीव बहल ने कहा कि ICMR भविष्य में भी डेटा आधारित और आधुनिक तकनीकों की मदद से सार्वजनिक स्वास्थ्य की जटिल चुनौतियों के समाधान विकसित करता रहेगा. उन्होंने कहा कि संस्थान किफायती, मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्यों और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ मिलकर काम करता रहेगा.
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क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना एक बड़ी चुनौती रही है. ICMR-MINDS जैसी AI आधारित प्रणाली विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने, फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों को सशक्त बनाने और मरीजों तक बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. National Awards for e-Governance 2026 में मिला यह गोल्ड अवॉर्ड इस पहल की सफलता और प्रभावशीलता का प्रमाण है.
Source: Ministry of Health and Family Welfare.


