डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. देश के नवीनतम स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,528 पुष्ट इबोला मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 492 लोगों की मौत हो चुकी है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन कई चुनौतियां सामने आ रही हैं.
कितने मरीज स्वस्थ हुए?
स्वास्थ्य विभाग की ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार,
- कुल पुष्ट मामले: 1,528
- कुल मौतें: 492
- स्वस्थ होकर घर लौटे मरीज: 239
- इलाज या आइसोलेशन में मरीज: 628
- संदिग्ध मामले: 185
अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की निगरानी और उपचार लगातार जारी है.
संक्रमण रोकने में क्या हैं चुनौतियां?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इबोला के प्रसार को रोकने में कई गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं.
मुख्य चुनौतियां:
- पोस्टमार्टम सैंपलिंग को लेकर कुछ समुदायों का विरोध.
- विशेषकर नॉर्थ किवु प्रांत में इबोला उपचार केंद्रों की सीमित क्षमता.
- संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की कमजोर ट्रैकिंग.
- प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने में देरी.
- दवाओं और संक्रमण रोकथाम से जुड़े चिकित्सा उपकरणों की कमी.
- कुछ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी समस्याएं.
इन कारणों से संक्रमण पर तेजी से नियंत्रण करना कठिन हो रहा है.
WHO ने शुरू किया नया क्लीनिकल ट्रायल
इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो में बुंडिबुग्यो (Bundibugyo) वायरस से होने वाले इबोला संक्रमण के इलाज के लिए संभावित दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया है.
फिलहाल इस वायरस के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यह ट्रायल भविष्य में प्रभावी इलाज विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क
अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण की निगरानी, मरीजों के उपचार, संपर्क ट्रेसिंग और जागरूकता अभियानों पर लगातार काम कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक सहयोग और समय पर पहचान ही संक्रमण को नियंत्रित करने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी.
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एवं डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण.


