उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर अनियमितताओं के आरोप में बिजनौर जिले के 16 सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी SACHiS (State Agency for Comprehensive Health Insurance Scheme) ने जिले के 20 अस्पतालों में बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया.
जांच में कई अस्पताल योजना के निर्धारित मानकों का पालन करते नहीं मिले, जिसके बाद नोटिस जारी करने से लेकर भुगतान रोकने तक की कार्रवाई की गई.
20 अस्पतालों में हुई अचानक जांच
SACHiS की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा के अनुसार, तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिजनौर के 20 पैनल अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता, योजना के दिशा-निर्देशों का पालन और मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई.
16 अस्पतालों में मिलीं अनियमितताएं
जांच में सामने आया कि 16 अस्पताल योजना के निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे थे.
इन अस्पतालों में मुख्य रूप से:
- Standard Treatment Guidelines का पालन नहीं किया गया.
- गुणवत्ता मानकों में कमी पाई गई.
- योजना के नियमों का उल्लंघन सामने आया.
6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस
कार्रवाई के तहत:
- 6 अस्पतालों को सस्पेंशन नोटिस जारी किया गया.
- इन अस्पतालों का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया.
- 10 अन्य अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस (Notice) जारी किया गया.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित अस्पतालों पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा.
10 गुना तक लगाया जाएगा जुर्माना
SACHiS के अनुसार जिन अस्पतालों में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, उन पर निर्धारित राशि का 10 गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा.
अनियमितताओं की गंभीरता के आधार पर अंतिम दंड तय किया जाएगा.
जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:
- एक ही परिवार के कई सदस्यों को बार-बार भर्ती दिखाना.
- आवश्यकता न होने के बावजूद ICU बेड आवंटित करना.
- उपचार संबंधी निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन न करना.
- गुणवत्ता मानकों में कमी.
इन मामलों की विस्तृत जांच जारी है.
अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
अस्पतालों के अलावा:
- संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया गया है.
- जिला कार्यक्रम समन्वयक (District Programme Coordinator) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
सरकार का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सरकार ने दिए सख्त संकेत
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. भविष्य में भी राज्यभर में ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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FAQs
1. बिजनौर में कितने अस्पतालों की जांच की गई?
SACHiS की टीम ने 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया.
2. कितने अस्पतालों में अनियमितताएं मिलीं?
जांच में 16 अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं.
3. कितने अस्पतालों को सस्पेंशन नोटिस मिला?
6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी किया गया और उनका भुगतान रोक दिया गया.
4. अस्पतालों पर किस तरह की गड़बड़ियां मिलीं?
एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती दिखाना, बिना जरूरत ICU बेड आवंटित करना, उपचार संबंधी दिशानिर्देशों का पालन न करना और गुणवत्ता मानकों में कमी जैसी अनियमितताएं सामने आईं.
Source: Ministry Of Ayush


