भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार Semicon India Programme 2.0 के तहत देश अब केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, उपकरण, अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन सहित पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विकास किया जा रहा है.
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक 200 अरब डॉलर के घरेलू सेमीकंडक्टर बाजार की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है.
भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 25 लाख रोजगार सृजित
छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी
सरकार ने अब तक छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें शामिल हैं:
- 1 सिलिकॉन फैब
- 1 कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब एवं पैकेजिंग यूनिट
- 1 माइक्रो LED GaN फैब एवं पैकेजिंग यूनिट
- 9 ATMP/OSAT (Assembly, Testing, Marking & Packaging) सुविधाएं
इन परियोजनाओं का विकास गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में किया जा रहा है.
सरकार के अनुसार तीन सेमीकंडक्टर इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि दो अन्य इकाइयों में इस वर्ष के अंत तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है.
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की सफलता बनी मजबूत आधार
MeitY के अनुसार पिछले 11 वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है.
- इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में लगभग 7 गुना वृद्धि
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 11 गुना वृद्धि
- मोबाइल फोन उत्पादन में 32 गुना वृद्धि
- मोबाइल फोन निर्यात में 165 गुना वृद्धि
आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है, जिसने सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार के लिए मजबूत विनिर्माण आधार तैयार किया है.
25 लाख रोजगार, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र ने पिछले एक दशक में लगभग 25 लाख रोजगार सृजित किए हैं.
- मोबाइल निर्माण क्षेत्र में करीब 12 लाख लोग कार्यरत हैं.
- इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के कुल कार्यबल में लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं हैं.
- मोबाइल निर्माण के प्रत्यक्ष कार्यबल में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं.
सरकार का कहना है कि यह क्षेत्र सुरक्षित कार्यस्थल और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
Semicon India Programme 1.0 की बड़ी उपलब्धियां
दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ शुरू किए गए Semicon India Programme के तहत भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है.
अब तक जिन प्रमुख इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है, उनमें शामिल हैं:
- Micron ATMP
- Kaynes Semicon
- CG Power OSAT
इन इकाइयों ने भारत को नीति निर्माण से वास्तविक चिप निर्माण तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
डिजाइन और स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर
भारत दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रतिभा का केंद्र माना जाता है.
सरकार ने डिजाइन और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें शुरू की हैं:
- Design Linked Incentive (DLI) Scheme के तहत 24 चिप डिजाइन परियोजनाओं को मंजूरी
- 103 Electronic Design Automation (EDA) आवेदन स्वीकृत
- 15 कंपनियों को वेंचर कैपिटल सहायता
- विद्यार्थियों द्वारा 175 सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और विकसित
- Chips to Startup (C2S) कार्यक्रम के तहत 320 शैक्षणिक संस्थानों में EDA टूल उपलब्ध
- 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण
- 500 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों में नया सेमीकंडक्टर पाठ्यक्रम लागू
Semicon India 2.0 का नया फोकस
सरकार के अनुसार Semicon India Programme 2.0 छह प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
- चिप डिजाइन
- सेमीकंडक्टर उपकरण एवं सामग्री
- फैब्रिकेशन इकाइयां
- एडवांस पैकेजिंग
- अनुसंधान एवं विकास (R&D)
- कौशल विकास
इससे घरेलू MSME उद्योगों को भी नए अवसर मिलेंगे और भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करेगा.
वैश्विक कंपनियां भी कर रही हैं निवेश
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए अमेरिका, जापान, सिंगापुर, नीदरलैंड, जर्मनी और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है.
साथ ही Applied Materials, AMD, Lam Research, KLA और Microchip Technology जैसी वैश्विक कंपनियों ने भी भारत में निवेश और साझेदारी की घोषणा की है.
FAQs
1. Semicon India Programme 2.0 का उद्देश्य क्या है?
भारत में चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग, अनुसंधान और कौशल विकास तक पूरा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना.
2. अब तक कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिली है?
देश में छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है.
3. क्या भारत में चिप उत्पादन शुरू हो गया है?
हां. Micron ATMP, Kaynes Semicon और CG Power OSAT सहित तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है.
4. Semicon India Programme 2.0 से क्या लाभ होगा?
इससे उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार बढ़ेंगे, घरेलू उत्पादन मजबूत होगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
Source: Ministry of Electronics & IT

