Vindhya Expressway: उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने के लिए सरकार ने ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’ (Vindhya Expressway) के निर्माण की तैयारी तेज कर दी है. इस महात्वाकांक्षी परियोजना के जरिए अब तक किसी एक्सप्रेसवे से न जुड़ पाने वाले विंध्य क्षेत्र के जिलों (मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और चंदौली) को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इसके लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर सर्वे तक का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है.
22,400 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 22,400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह परियोजना प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई रफ्तार देगी। सरकार का लक्ष्य विंध्य क्षेत्र को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
वन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तय होगा रूट
मिर्जापुर और सोनभद्र में बड़े वन क्षेत्र होने के कारण एक्सप्रेसवे का रूट विशेष सावधानी से तैयार किया जा रहा है। वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सर्वे के दौरान वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जा रहा है। इससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी।
चित्रकूट से सोनभद्र तक बनेगा नया कॉरिडोर
विंध्य एक्सप्रेसवे चित्रकूट से शुरू होकर प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र होते हुए चंदौली तक जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी सीधे दिल्ली और लखनऊ से बेहद आसान हो जाएगी.मिर्जापुर और सोनभद्र के इलाकों में वन क्षेत्र अधिक होने के कारण एक्सप्रेसवे के रूट का सर्वे बेहद सावधानी से किया जा रहा है. रूट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है ताकि स्थानीय वन्यजीवों और पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे.
प्रयागराज में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए प्रयागराज में जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने प्रयागराज की तीन प्रमुख तहसीलों में जमीन अधिग्रहण का खाका तैयार कर लिया है. बता दें कि इसके लिए कुल 73 गांवों को चिह्नित किया गया है. लगभग 210 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव तैयार कर भूमि अध्यापित कार्यालय को समीक्षा के लिए भेजा गया है.
लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा ‘पूर्वांचल’ और ‘गंगा’ एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे के साथ ही यूपी सरकार एक और मास्टरस्ट्रोक पर काम कर रही है. गाजीपुर से मिर्जापुर के बीच एक लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है. यह लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगा, जो आगे जाकर गंगा एक्सप्रेसवे में मिल जाएगा. इसके पूरा होने के बाद पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) और बिहार की सीमा से सटे इलाकों से दिल्ली, लखनऊ और गोरखपुर की दूरी घंटों में सिमट जाएगी. इससे व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.


