महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद जल्द ही पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस कार्यप्रणाली की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (National e-Vidhan Application – NeVA) को लागू करने की दिशा में महाराष्ट्र विधानमंडल ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है. यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “One Nation, One Application” विजन और Digital India Programme का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है.
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NeVA लागू करने पर हुई उच्चस्तरीय बैठक
16 जुलाई 2026 को मुंबई स्थित विधान भवन में इस परियोजना को लागू करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.
बैठक में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग और महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं NeVA मिशन लीडर डॉ. सत्य प्रकाश, महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय के सचिव जितेंद्र भोले और सुधर्शन साठे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
जल्द होगा समझौता ज्ञापन (MoU)
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार, महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय और महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग के बीच जल्द ही Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.
MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद महाराष्ट्र में NeVA परियोजना के कार्यान्वयन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी परियोजना
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र विधानमंडल को पूरी तरह पेपरलेस, पारदर्शी, दक्ष और नागरिक-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
सरकार का मानना है कि NeVA के लागू होने से विधायी कार्य पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और तकनीक आधारित होंगे.
कार्यान्वयन के रोडमैप पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
इनमें शामिल रहे:
- NeVA सॉफ्टवेयर की विशेषताएं
- डिजिटल वर्कफ्लो
- तकनीकी ढांचा
- संस्थागत तैयारी
- वित्तीय सहायता
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- कार्यान्वयन की समयसीमा
- विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारियां
साथ ही परियोजना की फंडिंग, तकनीकी सहायता, सॉफ्टवेयर संचालन और प्रशिक्षण से जुड़े सभी प्रमुख सवालों का समाधान भी किया गया.
क्या है National e-Vidhan Application (NeVA)?
National e-Vidhan Application (NeVA) भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक Mission Mode Project है, जिसे Digital India Programme के तहत शुरू किया गया है.
इसका उद्देश्य देश के सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं और विधान परिषदों को एक समान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है ताकि विधायी कार्य पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस तरीके से संचालित किए जा सकें.
₹673.94 करोड़ की परियोजना
NeVA परियोजना को ₹673.94 करोड़ की कुल लागत से मंजूरी दी गई है.
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विधायक और विधान परिषद सदस्य अपने टैबलेट या अन्य डिजिटल उपकरणों पर:
- प्रश्नोत्तर
- विधेयक
- कार्यसूची
- नोटिस
- समिति रिपोर्ट
- अन्य विधायी दस्तावेज
ऑनलाइन देख सकेंगे. इससे कागज की खपत कम होगी और कार्यवाही अधिक पारदर्शी बनेगी.
महाराष्ट्र परियोजना पर लगभग ₹48 करोड़ खर्च होंगे
महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद के मुंबई तथा नागपुर स्थित परिसरों में NeVA लागू करने के लिए लगभग ₹48 करोड़ की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है.
इससे सदस्यों को अपने विधायी दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से करने में सुविधा मिलेगी. साथ ही नागरिकों को भी विधानसभा की कार्यवाही और दस्तावेजों तक आसान डिजिटल पहुंच प्राप्त होगी.
21 विधानमंडल पहले ही बन चुके हैं डिजिटल
संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार अब तक:
- 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने NeVA के लिए MoU पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
- 21 विधानमंडल पूरी तरह डिजिटल हाउस बन चुके हैं.
महाराष्ट्र के जुड़ने के बाद देश के डिजिटल विधायी तंत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
डिजिटल लोकतंत्र को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि NeVA के माध्यम से विधायी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, दस्तावेजों तक आसान पहुंच मिलेगी, कागज का उपयोग कम होगा और आम नागरिकों की भागीदारी भी मजबूत होगी. यह पहल भारत के डिजिटल लोकतंत्र को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
FAQs
1. NeVA क्या है?
National e-Vidhan Application (NeVA) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से विधानसभाओं और विधान परिषदों की पूरी कार्यवाही पेपरलेस तरीके से संचालित की जाती है.
2. महाराष्ट्र में NeVA कब लागू होगा?
बैठक में जल्द MoU पर हस्ताक्षर करने पर सहमति बनी है. इसके बाद परियोजना का कार्यान्वयन शुरू होगा.
3. महाराष्ट्र में NeVA परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद में NeVA लागू करने की अनुमानित लागत लगभग ₹48 करोड़ है.
4. देश में अब तक कितने विधानमंडल डिजिटल बन चुके हैं?
अब तक 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडल पूरी तरह डिजिटल हाउस बन चुके हैं, जबकि 33 विधानमंडलों ने MoU पर हस्ताक्षर किए हैं.
Source: Ministry of Parliamentary Affairs


