Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव मुमताज नगर स्थित पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया. कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक एवं प्रो. सुरेंद्र मिश्र के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और विलुप्त हो रही खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना है.
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देसी खेलों में बच्चों ने दिखाया उत्साह
आयोजन के दौरान स्कूली बच्चों ने अत्यधिक उत्साह के साथ पोशमपा, गिट्टी फोड़, सतोलिया और किट-किट जैसे पारंपरिक देसी खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. आधुनिकता के दौर में इन खेलों के आयोजन से न केवल बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता का विकास हुआ, बल्कि उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव भी हुआ.
दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे प्राथमिक विद्यालय के छात्र कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने बताया कि दीक्षांत समारोह की श्रृंखला के तहत विश्वविद्यालय द्वारा आसपास के विभिन्न ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों में इस प्रकार के पारंपरिक खेलों का आयोजन जारी रहेगा.
दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे 50 छात्र
विभिन्न प्रतियोगिताओं के आधार पर ग्रामीण विद्यालयों से कुल 50 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन किया जाएगा, जिन्हें विश्वविद्यालय के मुख्य दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया जाएगा. सांस्कृतिक प्रस्तुति के तहत चयनित बच्चों में से 10 बाल कलाकारों को दीक्षांत समारोह के मुख्य मंच पर ‘पर्यावरण संरक्षण’ और ‘जल बचाओ’ जैसे संवेदनशील व समसामयिक विषयों पर आधारित विशेष गीत-संगीत और अभिनय प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा.
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ग्रामीण प्रतिभा का सर्वांगीण विकास
प्रो. पाठक ने यह भी बताया कि इससे ग्रामीण प्रतिभा का होगा सर्वांगीण विकास कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में इस प्रकार की खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन से बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना, टीम वर्क और आत्मविश्वास का संचार होता है. इस पहल से न केवल ग्रामीण स्तर पर छिपी खेल व कला प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें शिक्षा और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी प्राप्त होगा.


