गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में कैंसर मरीजों के इलाज को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ONCOS-2026 का शुभारंभ हुआ. ऑन्को एनेस्थीसिया विषय पर आयोजित यह पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन है. कार्यक्रम का उद्घाटन AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने किया.
इस सम्मेलन में देश के 17 से अधिक शहरों और विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से 24 विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. सम्मेलन के दौरान कैंसर मरीजों की सर्जरी से पहले की तैयारी, ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया प्रबंधन, सर्जरी के बाद देखभाल, दर्द नियंत्रण, क्रिटिकल केयर और नई चिकित्सा तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन
ONCOS-2026 पूर्वी उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला ऑन्को एनेस्थीसिया विषय का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन है. इसका उद्देश्य कैंसर उपचार से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को एक साझा मंच पर लाकर आधुनिक उपचार पद्धतियों और नवीनतम तकनीकों पर विचार-विमर्श करना है.
सम्मेलन में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं ताकि कैंसर मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल पर विशेष चर्चा
सम्मेलन में कैंसर मरीजों के उपचार के हर चरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. विशेषज्ञ सर्जरी से पहले मरीज की तैयारी, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित एनेस्थीसिया, सर्जरी के बाद रिकवरी, दर्द प्रबंधन और गंभीर मरीजों की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं.
नई चिकित्सा तकनीकों और बेहतर क्लिनिकल प्रैक्टिस को लेकर भी विशेषज्ञों के बीच विस्तृत चर्चा हो रही है, जिससे भविष्य में उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके.
स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
आयोजन समिति की सदस्य डॉ. अंकिता काबी ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना और उन्हें आधुनिक उपचार पद्धतियों से परिचित कराना है.
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों को नई तकनीकों और बेहतर कार्यप्रणालियों की जानकारी मिलती है, जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलता है.
समग्र देखभाल पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि कैंसर का उपचार केवल सर्जरी तक सीमित नहीं है. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए दर्द प्रबंधन, पोषण, आईसीयू सुविधा और पैलिएटिव केयर जैसी समग्र सेवाओं की भी आवश्यकता होती है.
उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बहुआयामी उपचार व्यवस्था विकसित करना जरूरी है. ऐसे सम्मेलन स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
विशेषज्ञों के अनुभव से उपचार व्यवस्था होगी और बेहतर
सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञ कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव और नवीनतम चिकित्सा जानकारी साझा कर रहे हैं. आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मेलन से स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल में वृद्धि होगी और कैंसर मरीजों को अधिक सुरक्षित, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी.


