ओडिशा के मलकानगिरी जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण लगातार भारी बारिश और तेज हवाओं से हालात बिगड़ गए हैं. बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति है और नदी-नाले उफान पर हैं. कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं, जबकि कुछ पुलों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है.
लगातार बारिश के कारण कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 पुलों के ऊपर तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है. इसके चलते मलकानगिरी का कालीमेला, मोटू और पोडिया से संपर्क प्रभावित हो गया है.
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NH-326 पर पानी भरने से यातायात बंद
मलकानगिरी जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर भी बारिश का पानी भर गया है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाईवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है.
हाईवे बंद होने के कारण कई स्थानों पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं. इनमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई की ओर से आने वाले वाहन भी शामिल बताए गए हैं.
भारी बारिश के बीच कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें भी बंद हुई हैं. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित पुलों के पास पुलिसकर्मियों की तैनाती की है.
अगले कुछ घंटे भारी पड़ने की आशंका
मलकानगिरी में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण मौसम विभाग की ओर से दो दिन का रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है.
मलकानगिरी के एडीएम बेदाबर प्रधान ने कहा कि अगले कुछ घंटे और भारी पड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की है.
एडीएम के मुताबिक, चक्रवात के कारण जिले में पहले से ही रेड अलर्ट है और कई इलाकों का आपसी संपर्क टूट चुका है. उन्होंने बताया कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई से आने वाली गाड़ियां भी यहां फंसी हुई हैं.
प्रशासन और पंचायतों की ओर से प्रभावित लोगों तक खानपान और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है.
तीन दिन से लगातार बारिश
एक स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक, मलकानगिरी जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है. इसके कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है. पुलों और प्रभावित सड़कों के आसपास पुलिस की तैनाती की गई है ताकि लोगों को जोखिम वाले रास्तों से गुजरने से रोका जा सके.
सात जिलों के लिए रेड अलर्ट का जिक्र
ओडिशा सरकार में मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर कहा कि वह गजपति जिले में हैं. उनके मुताबिक, चक्रवात और भारी बारिश को देखते हुए सात जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था.
मंत्री ने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से सभी जिलों के लिए जरूरी आदेश जारी किए गए हैं.
बालासोर में भी बारिश और तेज हवाओं का असर
चक्रवात के प्रभाव के बीच बालासोर में भी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. फायर सर्विस की टीमों ने गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम किया.
रेमुना में बुधवार को एक घर गिरने से एक व्यक्ति की मौत और एक बच्चे के घायल होने की जानकारी दी गई है.
फायर ऑफिसर अजय के मुताबिक, बांकेश्वर में तीन स्थानों पर पेड़ गिरे, जिनमें से दो पेड़ घरों पर गिरे थे. वहां लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
राजाबगीचा जंक्शन पर फ्लड लाइट की मदद से मलबा हटाने का काम किया गया. उन्होंने बताया कि बालासोर के सभी फायर स्टेशन तैयार हैं. 12 स्टेशनों पर एक-एक नाव उपलब्ध है, जबकि चार अतिरिक्त नावों को स्टैंडबाय पर रखा गया है.
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प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव पर फोकस
मलकानगिरी में भारी बारिश के कारण पुलों और सड़कों पर पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है. कई वाहन फंसे हुए हैं और कुछ इलाकों का संपर्क भी टूट गया है.
जिला प्रशासन और पंचायतों की ओर से प्रभावित लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है. वहीं, पुलिस को पुलों के पास तैनात किया गया है. बालासोर में भी फायर सर्विस की टीमें पेड़ हटाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के काम में जुटी हैं.


