Delhi Monsoon Guide: दिल्ली में मानसून के दौरान तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें और चौराहे जलभराव की समस्या से प्रभावित हो जाते हैं. इससे यातायात बाधित होता है, लंबा जाम लगता है और कई बार वाहन भी पानी में फंस जाते हैं. हाल के वर्षों में सरकार और विभिन्न एजेंसियों ने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए हैं लेकिन अत्यधिक बारिश के दौरान कुछ स्थान अब भी संवेदनशील बने रहते हैं. हाल की बारिश में भी कनॉट प्लेस, सदर बाजार और अन्य हिस्सों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
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दिल्ली के प्रमुख जलभराव वाले रास्ते
बारिश के दौरान जिन इलाकों और मार्गों पर अक्सर जलभराव की शिकायतें सामने आती हैं, उनमें मिंटो ब्रिज, आईटीओ चौराहा, रिंग रोड के कुछ हिस्से, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, जखीरा अंडरपास, धौला कुआं के आसपास के क्षेत्र, कनॉट प्लेस के कुछ ब्लॉक, NH-24 से गाजीपुर की ओर जाने वाला मार्ग, सदर बाजार, बुराड़ी और कई अंडरपास शामिल हैं. भारी बारिश होने पर इन मार्गों पर यातायात धीमा पड़ सकता है और कई बार वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जाती है.
जलभराव से बचने के लिए क्या करें
अगर मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है तो यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें. जहां संभव हो, जलभराव वाले अंडरपास और निचले इलाकों से बचें. यदि सड़क पर पानी का स्तर अधिक दिखाई दे तो वाहन को जबरन निकालने की कोशिश न करें. दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि खुले मैनहोल या सड़क के गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देते. बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से भी दूरी बनाए रखना सुरक्षित माना जाता है.
जलभराव की शिकायत कहां दर्ज करें-
यदि आपके इलाके में सड़क पर पानी भर गया है, नाले की सफाई नहीं हुई है या जल निकासी की समस्या है, तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचना दी जा सकती है.
- MCD 311 ऐप के माध्यम से फोटो के साथ शिकायत दर्ज की जा सकती है.
- PWD कंट्रोल रूम पर 1800-11-0093 पर कॉल कर जलभराव की सूचना दी जा सकती है.
- आवश्यकता होने पर PWD के व्हाट्सएप नंबर 8130188222 पर भी जलभराव की जानकारी भेजी जा सकती है.
स्थानीय MCD जोन के हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जहां जलभराव और पेड़ गिरने जैसी समस्याओं की शिकायतें स्वीकार की जाती हैं.
प्रशासन की क्या तैयारी रहती है
कई स्थानों पर डी-वॉटरिंग पंप लगाए जाते
मानसून के दौरान दिल्ली सरकार, PWD, MCD, NDMC और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से संवेदनशील स्थानों की निगरानी करती हैं. कई स्थानों पर डी-वॉटरिंग पंप लगाए जाते हैं, कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखे जाते हैं और जरूरत पड़ने पर क्विक रिस्पॉन्स टीमें मौके पर भेजी जाती हैं. फिर भी अत्यधिक बारिश के दौरान कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है.
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दिल्ली में मानसून के दौरान कुछ प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलभराव के लिहाज से संवेदनशील रहते हैं. यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी लेना, वैकल्पिक मार्ग चुनना और जलभराव दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देना परेशानी कम कर सकता है. समय पर दर्ज की गई शिकायत से जल निकासी और यातायात बहाली का काम भी तेजी से हो सकता है.
Sources: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), PWD दिल्ली, MCD, दिल्ली सरकार की सार्वजनिक सूचना, मीडिया रिपोर्ट्स


