श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक सवारी पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई. इस अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर मनमहेश स्वरूप में पालकी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले और भक्तों को दर्शन दिए. सवारी से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान का षोडशोपचार पूजन-अर्चन और आरती संपन्न हुई.
पूजन-अर्चन और आरती शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा द्वारा कराई गई. इसके बाद भगवान श्री मनमहेश की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई.
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मंदिर में विधि-विधान से हुआ पूजन-अर्चन
श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित पूजन में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, महंत विनीतगिरी महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे.
आरती में संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और अन्य अधिकारियों ने भी भगवान श्री मनमहेश का पूजन किया.
पालकी को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
सभामंडप में पूजन के बाद भगवान श्री मनमहेश पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले.
जैसे ही पालकी श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान अर्पित किया.
इसके बाद सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंची.
मां क्षिप्रा तट पर हुआ विशेष पूजन
रामघाट पहुंचने पर भगवान श्री मनमहेश का मां क्षिप्रा के पवित्र जल से पूजन किया गया.
श्रावण माह के प्रथम सोमवार की सवारी को विशेष स्वरूप देने के लिए इस बार अलग थीम रखी गई. क्षिप्रा तट पर 1100 वैदिक बटुकों ने वैदिक मंत्रों का सामूहिक उच्चारण किया, जिससे पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा.
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए उपस्थित रहे और पूरे मार्ग में भगवान महाकाल की पालकी पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया.
निर्धारित मार्ग से वापस मंदिर पहुंची सवारी
रामघाट पर पूजन के बाद भगवान श्री मनमहेश की सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची.
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पूरे मार्ग में घुड़सवार दल, पुलिस बल और विभिन्न भजन मंडलियां भगवान भोलेनाथ के भजन-कीर्तन करते हुए सवारी के साथ चलती रहीं. मार्ग के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री मनमहेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया.


