उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2026-27 प्रतियोगिता में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना और उन्हें भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत से जोड़ना है.
विज्ञान भारती (विभा) द्वारा आयोजित विद्यार्थी विज्ञान मंथन देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में से एक है.
कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग
प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
30 सितंबर तक होंगे ऑनलाइन पंजीकरण
विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे.
प्रत्येक विद्यार्थी के लिए 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है. प्रतियोगिता से जुड़े दिशा-निर्देश, अध्ययन सामग्री और अन्य आवश्यक जानकारी VVM पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी.
विद्यालयों को पात्र विद्यार्थियों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
वैज्ञानिक सोच और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, अनुसंधान क्षमता, नवाचार और शुद्ध विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जाएगा.
इसके साथ ही विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन एवं आधुनिक वैज्ञानिक परंपरा, वैज्ञानिकों के योगदान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से भी परिचित कराया जाएगा.
विद्यालय से राष्ट्रीय स्तर तक होगी प्रतियोगिता
विद्यार्थी विज्ञान मंथन का आयोजन विद्यालय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.
प्रत्येक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अगले चरण में भाग लेने के पात्र होंगे.
छह मध्य-पूर्वी देशों में भी होगा आयोजन
यह प्रतियोगिता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि छह मध्य-पूर्वी देशों में भी आयोजित की जाएगी.
इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा.
आर्थिक कारणों से नहीं छूटेगा कोई विद्यार्थी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं की स्टाइपेंड राशि तथा माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का उपयोग पंजीकरण शुल्क जमा करने के लिए किया जा सकता है.
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कारणों से कोई भी इच्छुक विद्यार्थी प्रतियोगिता से वंचित न रहे.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
सरकार के अनुसार विद्यार्थी विज्ञान मंथन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप वैज्ञानिक चेतना, अनुभवात्मक अधिगम, नवाचार और अनुसंधान आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बनेगा.
बेसिक शिक्षा मंत्री ने क्या कहा
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत, विज्ञान और अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त अभियान है.


