Prayagraj Ring Road: उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों प्रयागराज और चित्रकूट के बीच आवागमन को बेहद सुगम और तेज बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है. NHAI प्रयागराज रिंग रोड का दायरा बढ़ाते हुए इसका विस्तार चित्रकूट तक करने की तैयारी कर रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तीसरे चरण के तहत 350 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है.
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शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
वर्तमान में प्रयागराज से चित्रकूट की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतरी इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है. इसके कारण शहर में यातायात का भारी दबाव रहता है और आम जनता को अक्सर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. नए विस्तार के बाद भारी और व्यावसायिक वाहन शहर के बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राह होगी आसान
चित्रकूट देश के सबसे पवित्र और प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां वर्ष भर लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. रिंग रोड के प्रयागराज से चित्रकूट (राजापुर) तक जुड़ने से यात्रा के समय में भारी बचत होगी. इस बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
चित्रकूट पहुंचना होगा आसान
भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. प्रयागराज से राजापुर तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से यात्रा का समय घटेगा और धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. साथ ही स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलेगा.
परियोजना की वर्तमान स्थिति
बता दें कि इस रिंग रोड का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में करीब 30 किमी तक बनेगा. सहसो से रीवा रोड (दांदूपुर) तक निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. दूसरा चरण में करीब 40 किमी डीपीआर और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. बारिश के बाद निर्माण शुरू होने की संभावना है. वहीं तीसरा चरण में चित्रकूट के राजापुर तक रिंग रोड के विस्तार के लिए 350 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.
वहीं इस संबंध में NHAI अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद प्रयागराज, चित्रकूट और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक और निर्बाध सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा. साथ ही धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी.


