चंदौली: विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए चंदौली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. प्रशासन की ओर से करीब 9 हजार किसानों को भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस भेजे गए हैं. नोटिस जारी होने के बाद किसानों की ओर से आपत्तियां भी दर्ज कराई जा रही हैं. अब तक 400 से अधिक आपत्तियां सामने आ चुकी हैं.
हालांकि, भूमि अधिग्रहण के साथ ही किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे के निर्धारण को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है. सबसे बड़ा पेच जमीन के सर्किल रेट और हाल में हुई रजिस्ट्रियों में दर्ज वास्तविक कीमत के बीच अंतर को लेकर है.
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400 से ज्यादा आपत्तियां आईं
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए चंदौली तहसील के 46 गांव और पीडीडीयू नगर तहसील के 6 गांव प्रभावित होंगे. नोटिस मिलने के बाद किसानों ने भूमि की श्रेणी, क्षेत्रफल और मुआवजा निर्धारण के आधार को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं.
जिला प्रशासन का कहना है कि प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है और ज्यादातर आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है.
सर्किल रेट या रजिस्ट्री की कीमत?
भूमि अधिग्रहण में सबसे बड़ी चुनौती जमीन की कीमत तय करने को लेकर है. कई इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री मौजूदा सर्किल रेट से अधिक कीमत पर हो रही है. ऐसे में प्रशासन के सामने सवाल है कि मुआवजे के लिए किस दर को आधार बनाया जाए. एक तरफ जमीन का निर्धारित सर्किल रेट है, तो दूसरी तरफ हाल में हुए बैनामों में दर्ज कीमतें हैं. दोनों के बीच अंतर होने के कारण मुआवजे की राशि तय करने से पहले मूल्यांकन और दर को लेकर मंथन किया जा रहा है.
लगातार हो रही रजिस्ट्री से बढ़ी चुनौती
अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री भी लगातार हो रही है. ऐसे में पुराने और नए बैनामों में दर्ज जमीन की कीमतों में अंतर सामने आ रहा है. इससे मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया और जटिल हो रही है. प्रशासन की ओर से आपत्तियों के निस्तारण के बाद भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. जमीन की दर तय होने के बाद ही किसानों को मिलने वाले मुआवजे की तस्वीर साफ होगी.
ADM ने क्या कहा?
चंदौली के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार ने बताया कि किसानों की ओर से करीब 400 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं. इनमें से लगभग सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है. उनके अनुसार, अधिकांश आपत्तियां सामान्य प्रकृति की थीं. अब जमीन के मूल्य को लेकर मंथन किया जा रहा है.
राजेश कुमार ने कहा, “किसानों की ओर से 400 आपत्तियां दर्ज की गई थीं. करीब-करीब आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है. जो भी आपत्तियां थीं, वह सामान्य तरह की थी, जिसका समाधान कर दिया गया है. मूल्य को लेकर मंथन किया जा रहा है.”
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विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़े भूमि अधिग्रहण में अब प्रशासन के सामने किसानों की आपत्तियों के निस्तारण के साथ जमीन की सही दर तय करने की चुनौती है. दर निर्धारित होने के बाद ही मुआवजा प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.


