Amroha News: दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलखंड के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अमरोहा जिले के कुल 46 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. रेलवे बोर्ड ने प्रभावित गांवों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी है, जिसके बाद प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है.
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गाटा संख्याओं के मिलान के लिए मांगे गए राजस्व नक्शे
रेलवे बोर्ड से प्रभावित गांवों की सूची मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भूमि का सटीक मिलान करने के लिए रेलवे से राजस्व नक्शे और अन्य आवश्यक अभिलेख मांगे हैं. विस्तृत प्रस्ताव प्राप्त होते ही राजस्व विभाग गाटा संख्या के आधार पर धरातलीय सर्वे शुरू करेगा. इस सर्वे से यह स्पष्ट होगा कि किस किसान की कितनी जमीन परियोजना के दायरे में आ रही है. सर्वे के बाद ही प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर मुआवजा तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब रेल लाइन से प्रभावित होंगे किसान
गौरतलब है कि जिले में गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए भी भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है. ऐसे में कई गांवों के किसान एक साथ दो बड़ी बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं से प्रभावित होंगे.
इन 46 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
रेलवे द्वारा जारी सूची में प्रमुख रूप से काफूरपुर, नरैना कलां, भटपुरा माफी, जलीलपुर मुलकटा, महेशरा, शेखूपुर शुमाली, शाहपुर बुजुर्ग, भानपुर खालसा, अलीपुर भूड़ शुमाली, अफजलपुर गोसाईं, रुस्तमपुर खादर, मोहरका, चौबारा, शहबाजपुर डोर, कांकाठेर, ओसिता एहतमाली, जगदेपुर, पायंती कलां, सिरसा मोहन, नौरंगी, मुजफ्फरपुर पट्टी, सिरसा मनिहार, वाजिदपुर, चककालीलेट, कासिमपुर जट, लोदीपुर बंजारा, मोहड़ी जट, पृथ्वीपुर कलां, कैलसा, उमर मोहम्मदपुर, अदलपुर ताज, तेलीपुरा माफी, केशोपुर, उमरपुर, धनौरी अहीर, सलेमपुर हामनगर, अमरोहा खास चुंगी, गुलड़िया, खालकपुर खादर, सदलपुर, गफ्फारपुर, धकटोड़ा और चांदनगर शामिल हैं.
ट्रेनों की समयबद्धता में होगा सुधार
गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलखंड उत्तर रेलवे के सबसे व्यस्ततम रूटों में से एक है. दो अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से जहां एक तरफ यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सुगमता आएगी, वहीं दूसरी तरफ ट्रेनों की लेटलतीफी दूर होगी और भविष्य में इस मार्ग पर नई ट्रेनें चलाने का रास्ता भी साफ होगा.
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अधिकारी का बयान
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह ने कहा कि रेलवे से प्रभावित गांवों की सूची प्राप्त हो चुकी है. गाटा संख्याओं के सटीक मिलान के लिए रेलवे से राजस्व नक्शा और अन्य जरूरी अभिलेख मांगे गए हैं. दस्तावेज मिलते ही आगे की सर्वे व अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाएगी.


