हरिद्वार: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों की संख्या 3 करोड़ के पार पहुंच गई है. कांवड़ मेला अब अंतिम चरण में है, लेकिन हरिद्वार की ओर डाक कांवड़ियों का रेला लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की बड़ी चुनौती बनी हुई है.
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के कारण हरिद्वार और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. प्रशासन की ओर से भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगातार व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
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हरिद्वार पहुंच चुके हैं 3 करोड़ से ज्यादा शिवभक्त
कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं. अब तक श्रद्धालुओं की संख्या 3 करोड़ के पार हो चुकी है.
कांवड़िए हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं. मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
डाक कांवड़ के दौरान श्रद्धालु तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं. इस वजह से सड़कों पर वाहनों और कांवड़ियों की आवाजाही का दबाव बढ़ गया है.
अगले दो दिनों में 4 करोड़ का आंकड़ा पार होने का अनुमान
हरिद्वार में कांवड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले दो दिनों में शिवभक्तों का आंकड़ा 4 करोड़ के पार पहुंच सकता है.
अगर आने वाले दिनों में डाक कांवड़ियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो पुलिस और प्रशासन के सामने भीड़ और यातायात प्रबंधन की चुनौती और बढ़ सकती है.
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में हरिद्वार से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वापस लौटने की प्रक्रिया भी जारी है. ऐसे में प्रशासन को आने वाले दिनों में भीड़ और ट्रैफिक दोनों पर नजर बनाए रखनी होगी.
डाक कांवड़ियों की लगातार बढ़ रही संख्या
इस समय हरिद्वार में डाक कांवड़ियों का रेला लगातार पहुंच रहा है. डाक कांवड़ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेज गति से अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं.
डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या का सीधा असर हरिद्वार की सड़कों और आसपास के प्रमुख मार्गों पर दिखाई देता है. इस दौरान पुलिस के सामने कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के साथ सामान्य यातायात को भी व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी रहती है.
भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट बनी बड़ी चुनौती
कांवड़ मेले में 3 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है.
हरिद्वार में कांवड़ियों की आवाजाही के साथ बड़ी संख्या में वाहन भी सड़कों पर होते हैं. ऐसे में पुलिस को मार्गों पर यातायात का दबाव नियंत्रित करने और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था के साथ काम करना पड़ रहा है.
एसएसपी ने वाहनों के लिए बनाई विशेष रणनीति
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेले को देखते हुए वाहनों की आवाजाही के लिए विशेष रणनीति तैयार की है. इसका उद्देश्य मेले के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव को नियंत्रित करना और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना है.
कांवड़ मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ जरूरी यातायात भी प्रभावित न हो और हरिद्वार में व्यवस्था सुचारू बनी रहे.
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अंतिम चरण में पहुंचा कांवड़ मेला
हरिद्वार का कांवड़ मेला अब अंतिम चरण में है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कमी के बजाय डाक कांवड़ियों की वजह से भीड़ का दबाव बना हुआ है.
आने वाले दो दिन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. अनुमान के मुताबिक इस दौरान कांवड़ियों की संख्या 4 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है. ऐसे में पुलिस और प्रशासन को भीड़ और ट्रैफिक दोनों मोर्चों पर लगातार निगरानी रखनी होगी.


