Weather Update 10 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 9 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक, आज सोमवार, 10 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. खास तौर पर पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
10 अगस्त को कहां-कहां बारिश का सबसे ज्यादा असर
IMD के अनुसार 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में पहले से हुई बारिश के कारण जमीन में नमी और जलभराव की स्थिति कुछ स्थानों पर परेशानी बढ़ा सकती है.
इसके अलावा असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
10 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 10 अगस्त को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में बारिश की स्थिति ‘Fairly Widespread’ यानी कई स्थानों पर बारिश की श्रेणी में है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 10 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिखरी हुई बारिश की संभावना दर्ज की गई है.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने, यातायात की रफ्तार प्रभावित होने और कम दृश्यता जैसी स्थिति बन सकती है. ऐसे में सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी.
बिहार में बारिश के साथ गरज-चमक का भी खतरा
बिहार में 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं भी कुछ स्थानों पर चल सकती हैं. IMD ने बिहार के लिए 9 से 15 अगस्त तक ऐसे मौसम की संभावना जताई है.
राज्य के लिए सात दिन के बारिश पूर्वानुमान में 10 अगस्त को बिखरी हुई बारिश की स्थिति दर्ज की गई है. इसके बाद 13 से 15 अगस्त के बीच बारिश का दायरा बढ़ने का अनुमान है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य भारत में भी बारिश का दौर मजबूत रहने वाला है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 10 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
IMD के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 से 12 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 9 से 11 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़ में भी 9 और 10 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश पर नजर
पहाड़ी राज्यों और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 10 अगस्त को मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
IMD ने पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में 10 से 11 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई है. उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
उत्तराखंड के कई जिलों में 10 अगस्त को अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना भी बताई गई है. इनमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी शामिल हैं.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बारिश का असर
असम और मेघालय में 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है. अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
पूर्वी भारत में झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर सक्रिय रहेगा. ओडिशा में 9 से 15 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड में इस अवधि के दौरान भी व्यापक बारिश का अनुमान है.
दक्षिण भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा. 10 अगस्त को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना है. केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है.
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम तथा रायलसीमा में 9 से 12 अगस्त तक गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. तटीय कर्नाटक, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में भी इस अवधि में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह क्या है
IMD के मौसम विश्लेषण के मुताबिक 9 अगस्त को उत्तर ओडिशा और उससे लगे झारखंड के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित था. इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था. मानसून ट्रफ भी बुलेटिन के अनुसार सक्रिय मौसम प्रणाली से होकर गुजर रही थी.
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से करीब 13 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है.
भारी बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
तेज बारिश और हवाओं के कारण कई इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चलाने में परेशानी बढ़ सकती है.
तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. IMD ने खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को भी नुकसान की आशंका बताई है. कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक जलभराव की स्थिति बन सकती है.
किसानों के लिए क्या सलाह
बारिश के बीच किसानों को खेतों में जल निकासी का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है. उत्तर प्रदेश में अरहर, मक्का, मूंगफली, तिल, धान, सब्जियों और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है, खासकर उन खेतों में जहां जलभराव की आशंका रहती है. बिहार में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और खाद तथा कीटनाशकों के इस्तेमाल को कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी गई है.
मध्य प्रदेश में भी सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग, तिल, ज्वार और सब्जियों के खेतों में उचित जल निकासी बनाए रखने की सलाह है. छत्तीसगढ़ में भी निचले क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया है.
बारिश और बिजली चमकने के दौरान ये सावधानियां जरूरी
मौसम विभाग ने लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और हालात बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है. बिजली गिरने की आशंका के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. बिजली चमकने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों से बाहर निकलने तथा बिजली प्रवाहित करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
10 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 10 अगस्त का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| पूर्वी राजस्थान | भारी से बहुत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पश्चिमी मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| उत्तर प्रदेश | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी बारिश की संभावना |
| असम-मेघालय | भारी बारिश |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा | भारी बारिश |
| दक्षिण भारत के कुछ हिस्से | गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं |
10 अगस्त को बाहर निकलने वालों के लिए जरूरी बातें
सुबह घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें. बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी रखें. वाहन चलाते समय रफ्तार नियंत्रित रखें और जलभराव वाली सड़क पर पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना आगे न बढ़ें. पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतें.
किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से रखने की जरूरत है. तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा जरूरत के अनुसार तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग
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FAQs
1. 10 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या दिल्ली में भी भारी बारिश होगी?
हां. IMD ने 10 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
3. क्या बिहार में सिर्फ बारिश होगी या आंधी भी आ सकती है?
बिहार में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है.
4. क्या बारिश के कारण यात्रा प्रभावित हो सकती है?
हां. भारी बारिश से जलभराव, कम दृश्यता और कुछ स्थानों पर सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
5. किसानों को अभी सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए. बिहार में IMD ने खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल को टालने की सलाह भी दी है.


