भारत सरकार युवाओं को उद्योग की जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग और काम का अनुभव देने के लिए National Apprenticeship Promotion Scheme यानी NAPS के जरिए अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दे रही है. अगस्त 2016 में शुरू की गई इस योजना को 2022-23 से NAPS-2 के रूप में जारी रखा गया है. इसके तहत युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल पर ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे उन्हें इंडस्ट्री का अनुभव और रोजगार से जुड़ी स्किल हासिल करने का अवसर मिलता है.
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NAPS-2 में युवाओं को कैसे मिलती है ट्रेनिंग
NAPS के तहत अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग भाग लेने वाले संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं के जरिए वास्तविक कार्य वातावरण में कराई जाती है. इसमें टेक्नोलॉजी कंपनियां समेत अलग-अलग प्रतिष्ठान शामिल हैं. योजना के तहत National Apprenticeship Portal, Regional Directorates of Skill Development & Entrepreneurship, State Apprenticeship Advisers और empanelled Third Party Aggregators के जरिए अप्रेंटिसशिप को आगे बढ़ाया जा रहा है.
इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से स्किल ट्रेनिंग
सरकार ने इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ सहयोग मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. National Council for Vocational Education and Training यानी NCVET को Technical and Vocational Education and Training क्षेत्र में नियम और मानक तय करने के लिए प्रमुख नियामक के तौर पर स्थापित किया गया है.
NCVET से मान्यता प्राप्त Awarding Bodies से उम्मीद की जाती है कि वे इंडस्ट्री की मांग के अनुसार क्वालिफिकेशन तैयार करें, उन्हें National Classification of Occupations, 2015 के तहत संबंधित व्यवसायों से जोड़ें और इंडस्ट्री से वैलिडेशन प्राप्त करें.
AI, Robotics और Drone Technology जैसे कोर्स पर जोर
नई और भविष्य की तकनीकों से जुड़े रोजगार के लिए भी स्किल ट्रेनिंग को अपडेट किया जा रहा है. PMKVY के तहत Industry 4.0 की जरूरतों के मुताबिक AI/ML, Robotics, Mechatronics और Drone Technology जैसे नए जमाने के जॉब रोल्स को शामिल किया गया है.
5G और Cyber Security की भी ट्रेनिंग
Directorate General of Training यानी DGT ने Craftsmen Training Scheme के तहत 5G Network Technician, Artificial Intelligence Programming Assistant, Cyber Security Assistant और Drone Technician जैसे नए जमाने के कोर्स शुरू किए हैं.
इसके अलावा DGT ने IBM, CISCO, Microsoft और AWS जैसी IT कंपनियों के साथ MoU किए हैं. इन साझेदारियों का उद्देश्य राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर संस्थानों के साथ इंडस्ट्री लिंक बढ़ाना और आधुनिक तकनीकों में तकनीकी तथा प्रोफेशनल स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराना है.
डिग्री के साथ अप्रेंटिसशिप का भी मौका
National Education Policy 2020 में vocational education को mainstream education के साथ जोड़ने और academic तथा vocational pathways के बीच आसान mobility को बढ़ावा देने की बात कही गई है.
Apprenticeship Embedded Degree Programme
इसी दिशा में Apprenticeship Embedded Degree Programme यानी AEDP को UGC और AICTE के सहयोग से विकसित किया गया है. इसके तहत डिग्री और डिप्लोमा प्रोग्राम में पढ़ने वाले छात्र अपनी पढ़ाई के curriculum के हिस्से के रूप में apprenticeship training कर सकते हैं.
इससे छात्रों को industry-relevant skills हासिल करने, practical learning करने और industry-academia linkage मजबूत करने का अवसर मिलता है.
NAPS-2 में ₹1,500 तक स्टाइपेंड सपोर्ट
NAPS-2 के तहत पात्र apprentices को सरकार Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से stipend support देती है. सरकार की हिस्सेदारी establishment की ओर से दिए जाने वाले stipend की 25% तक सीमित है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹1,500 प्रति माह प्रति apprentice है.
यह राशि National Apprenticeship Portal के जरिए सीधे apprentices के बैंक खातों में भेजी जाती है. इससे भुगतान में transparency, efficiency और समय पर राशि पहुंचाने में मदद मिलती है.
NAPS-2 में DBT के जरिए ₹1,573.46 करोड़ वितरित
सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार NAPS-2 के तहत DBT के जरिए stipend support के रूप में 2023-24 में ₹327.17 करोड़, 2024-25 में ₹500.15 करोड़, 2025-26 में ₹567.27 करोड़ और 2026-27 में ₹178.87 करोड़ वितरित किए गए. कुल राशि ₹1,573.46 करोड़ रही. DBT आधारित stipend support जुलाई 2023 से शुरू हुआ था.
महिलाओं की अप्रेंटिसशिप में बढ़ी भागीदारी
NAPS के तहत महिलाओं समेत अलग-अलग वर्गों के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में apprenticeship opportunities देने पर जोर दिया जा रहा है. इनमें manufacturing, engineering, logistics, agriculture and allied activities, food processing, retail, healthcare, tourism and hospitality, IT-ITeS, electronics और अन्य service sectors शामिल हैं.
महिला apprentices की हिस्सेदारी 24.95% पहुंची
सरकार के अनुसार apprenticeship training में महिलाओं की हिस्सेदारी FY 2016-17 में 7.74% थी, जो FY 2025-26 में बढ़कर 24.95% हो गई. महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर महीने प्रत्येक राज्य के एक-तिहाई जिलों में Pradhan Mantri National Apprenticeship Melas आयोजित किए जाते हैं.
अप्रेंटिस के लिए सुरक्षा और सुविधाओं पर भी जोर
Apprentices Act, 1961 में 2014 में संशोधन कर Optional Trades की शुरुआत की गई थी. इससे उद्योगों को अपनी जरूरत के अनुसार apprenticeship programmes तैयार करने का अवसर मिला.
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अप्रेंटिस के लिए सुरक्षित और बेहतर training environment सुनिश्चित करने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं. Apprentices Act, 1961 की Section 14 के तहत apprentices पर लागू सुरक्षा, स्वास्थ्य और welfare provisions का प्रावधान है. इसके अलावा apprentices को Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 के तहत भी सुरक्षा मिलती है. Section 15 में working hours और leave provisions को लेकर नियम दिए गए हैं.


