उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के तहत विभिन्न परियोजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों के लिए ऑनलाइन आवेदन का मौका दिया गया है. योजना के तहत विभागीय पोर्टल को 14 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन के लिए खोला जा रहा है.
मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने लखनऊ स्थित मत्स्य निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि भारत सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है. उपलब्ध अवशेष लक्ष्यों के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ देने के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं.
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24 अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक और पात्र लाभार्थी निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल खुला
ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग का पोर्टल 14 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा.
उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग पोर्टल
पोर्टल पर योजना के तहत उपलब्ध परियोजनाओं का विस्तृत विवरण, unit cost, eligibility criteria, आवेदन की प्रक्रिया और आवेदन के साथ लगाए जाने वाले जरूरी documents की जानकारी उपलब्ध है.
6 परियोजनाओं के लिए मांगे गए आवेदन
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 6 परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे.
बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण और निवेश
इस परियोजना के तहत कुल 33.93 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लक्ष्य रखा गया है. इसमें सामान्य, महिला और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं.
मध्यम आकार के RAS की 3 यूनिट
मध्यम आकार के Recirculatory Aquaculture System यानी RAS की 3 यूनिट के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. यह अवसर सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित है.
Rearing Unit निर्माण
Rearing Unit निर्माण के लिए 22.667 हेक्टेयर का लक्ष्य है. इसमें महिला और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं.
Backyard RAS की 241 यूनिट
Backyard RAS के तहत 241 यूनिट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें महिला वर्ग के लिए आवेदन का प्रावधान है.
जलाशयों में मत्स्य अंगुलिका संचय
जलाशयों में fish fingerlings यानी मत्स्य अंगुलिकाओं के संचय के लिए 65,000 अंगुलिकाओं का लक्ष्य है. इसमें सामान्य, महिला और अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं.
पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए सहायता
पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए livelihood और nutrition support से जुड़ी 500 यूनिट का लक्ष्य रखा गया है.
मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने पर जोर
मत्स्य विकास मंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में मत्स्य विकास की काफी संभावनाएं हैं. इसी को देखते हुए उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है.
मत्स्य उत्पादन और productivity बढ़ाने का लक्ष्य
PMMSY के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन और productivity बढ़ाने, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
इसके साथ ही पारंपरिक मछुआरा परिवारों की आजीविका को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
आधुनिक तकनीक से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
योजना के तहत आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर
सरकार के अनुसार, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में रोजगार और self-employment के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
इसके जरिए मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में सहायता मिलने का लक्ष्य है.
सभी जिलों में प्रचार-प्रसार के निर्देश
मत्स्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवेदन अवधि के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए.
पात्र लाभार्थियों को आवेदन में मिलेगी मदद
जिला स्तर पर मत्स्य पालकों और अन्य पात्र आवेदकों को online application की प्रक्रिया के बारे में जानकारी और जरूरी guidance उपलब्ध कराया जाएगा.
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ना है.
आवेदनों की जांच समय पर करने के निर्देश
प्राप्त applications की जांच और projects के implementation की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.
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परियोजनाओं के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलेगा
लाभार्थियों को परियोजना के implementation के दौरान जरूरत के अनुसार technical और departmental guidance उपलब्ध कराने को कहा गया है.
सरकार के अनुसार, इससे परियोजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने और प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के निर्धारित उद्देश्यों को प्रदेश में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.


