नई दिल्ली: दिल्ली की जलापूर्ति और सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली की वर्षों पुरानी समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार योजनाएं लागू की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली अब सक्षम हाथों में है और हर घर तक निर्बाध एवं स्वच्छ पानी पहुंचाने पर सरकार का फोकस है.
मिसाइल निर्माण में बड़ी छलांग, भारतीय उद्योगों को मिलेगी डीआरडीओ की तकनीक
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली में लंबे समय से पानी की किल्लत और पुरानी सीवर लाइनों की समस्या बनी हुई है. कई इलाकों में पानी के कनेक्शन नहीं थे, जबकि कुछ सीवर लाइनें करीब 50 साल पुरानी हो चुकी हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 2,500 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी है.
वजीराबाद प्लांट के लिए 1,740 करोड़ के दो पैकेज
दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) के कमांड एरिया में जलापूर्ति सुधार के लिए दो बड़े पैकेज मंजूर किए हैं. पैकेज-1 के लिए 805 करोड़ रुपये और पैकेज-2 के लिए 935 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य जलापूर्ति नेटवर्क को मजबूत करना और लोगों को बेहतर पानी उपलब्ध कराना है.
पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली पर बड़ा फोकस
रेखा गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी दिल्ली के जल बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए 4,330 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के लिए 7,096 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है. इसमें पानी की पाइपलाइन, अंडरग्राउंड रिजर्वायर (UGR), जल नेटवर्क और डिस्ट्रिक्ट मीटरिंग एरिया (DMA) मीटरिंग के साथ 15 साल का संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है.
मुख्यमंत्री के अनुसार, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के लिए कुल 11,427 करोड़ रुपये के निवेश से 36 लाख से अधिक लोगों को बेहतर जलापूर्ति infrastructure का लाभ मिलने की उम्मीद है.
अवैध पानी कनेक्शनों को नियमित कराने की समयसीमा बढ़ी
सरकार ने अनधिकृत पानी के कनेक्शनों को नियमित कराने की योजना की समयसीमा भी बढ़ा दी है. अब यह सुविधा 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के Urban Challenge Fund के तहत दिल्ली में अंडरग्राउंड रिजर्वायर, नई पानी की पाइपलाइन और व्यापक DMA मीटरिंग सिस्टम विकसित किए जाएंगे. इस योजना में केंद्र सरकार 25 प्रतिशत, दिल्ली सरकार 25 प्रतिशत राशि देगी, जबकि बाकी 50 प्रतिशत राशि दिल्ली जल बोर्ड बाजार से ऋण लेकर जुटाएगा.
फ्लू के बढ़ते मामलों पर भी बैठक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान दिल्ली में बढ़ते फ्लू के मामलों के बीच सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई.


