पटना, 25 अगस्त 2026: बिहार सरकार ने कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए नई पहल शुरू की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का शुभारंभ किया. यह अभियान ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ पहल का हिस्सा है.
सरकार के मुताबिक, विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए हर महीने शिक्षण संस्थानों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां छात्र अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे.
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हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के शिक्षण संस्थानों में हर महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ लगाया जाएगा. इसमें विद्यार्थियों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं की सुनवाई होगी.
इनमें पढ़ाई, परीक्षा, हॉस्टल, पेयजल, शौचालय, कैंटीन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें शामिल होंगी. विद्यार्थियों को अपनी बात रखने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे छात्र
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 की व्यवस्था भी की गई है. छात्र ऑनलाइन अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकेंगे. इसके साथ ही शिकायत पर हुई कार्रवाई और उसकी स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की शिकायतों को तय समय सीमा में निपटाया जाए और उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो.
कॉलेज में छात्रों से सीधे सुनी समस्याएं
बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने. उन्होंने अधिकारियों को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और लगातार बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक स्थायी हॉस्टल की व्यवस्था नहीं होती, तब तक विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.
10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की दिशा में काम कर रही है.
विद्यार्थियों की मांग पर उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेजों के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए उपयुक्त जगह तलाशने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों में भी जन औषधि केंद्र खोलने की दिशा में काम किया जाएगा.
छात्रों के आइडिया को स्टार्टअप से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के सुझाव सरकार के लिए काफी अहम हैं और इनसे नीतियां बनाने में भी मदद मिल सकती है. कॉलेजों में छात्रों की ओर से तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट्स और नए आइडिया को स्टार्टअप से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जाएगी.
सरकार का फोकस विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ नवाचार और नए आइडिया के लिए प्रोत्साहित करने पर भी है.
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कॉलेज की सुविधाओं का लिया जायजा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कॉलेज के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन में सूचना-सहायता काउंटर और अलग-अलग विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया. उन्होंने कक्षाओं, संगीत कक्ष, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, उद्यमिता सेल और प्रयोगशालाओं का भी जायजा लिया.
उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर कॉलेज की सुविधाओं और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली. कार्यक्रम के दौरान मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया.


