Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और राहत एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है. सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमा पर तैनात अपनी सभी फॉर्मेशन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों (RRTs) को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं. SSB के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद यह अलर्ट जारी किया गया है. SSB की टीमें जरूरत पड़ने पर राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव, राहत और अन्य आपातकालीन अभियानों में मदद करेंगी.
कोसी और नारायणी नदी बेसिन पर नजर
नेपाल में भारी बारिश के बीच कोसी और नारायणी नदी बेसिन में जल प्रवाह बढ़ने का अनुमान है. इसके अलावा नेपाल की छोटी नदियों में भी अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है. इसी को देखते हुए भारत की तरफ भी संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा, कर्णाली और महाकाली नदी तंत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है. नेपाल से अचानक पानी छोड़े जाने की स्थिति में इन नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. सीमा पर तैनात SSB की बटालियनों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार में भी बाढ़ के खतरे को लेकर तैयारी
नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियर फटने की घटना के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली. अमित शाह ने बिहार सरकार को केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया. उन्होंने अधिकारियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं. जरूरत पड़ने पर मदद के लिए NDRF को भी mobilise किया जा रहा है.
नेपाल में फ्लैश फ्लड से 16 लोगों की मौत
नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर है. बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बिजली से जुड़ा बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, भोटे कोसी नदी में अचानक पानी बढ़ने से नुवाकोट और धादिंग जिलों के कई इलाके प्रभावित हुए हैं. कई लोगों के लापता होने की भी खबर है. बताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आया और रास्ते में कई गांवों को अपनी चपेट में लेता हुआ आगे बढ़ा.
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नेपाल से आने वाली नदियों पर भारत की नजर
नेपाल में हुई इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंचने की आशंका है. बिहार की कई प्रमुख नदियां नेपाल से होकर भारत में प्रवेश करती हैं. इनमें गंडक (नारायणी) और कोसी प्रमुख हैं. भारी बारिश या अचानक जल प्रवाह बढ़ने से इन नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. इसी वजह से बिहार समेत भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. SSB का कहना है कि दोनों देशों की सीमा के संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा, ताकि किसी भी बाढ़ संबंधी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके.


