Yogi Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके अलावा प्रदेश में 8 मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को निवेश के लिए प्रोत्साहन देने का भी फैसला हुआ.
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास बनेगा औद्योगिक क्लस्टर
कैबिनेट की मंजूरी के बाद सुल्तानपुर में औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत IMLC विकसित किया जाएगा. यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप बनाया जाएगा. परियोजना के लिए 27,225.33 लाख रुपये यानी करीब 272.25 करोड़ रुपये की लागत मंजूर की गई है. परियोजना के निर्माण पर होने वाला संभावित पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी. इसमें केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है.
ग्लोबल बिड से चुनी जाएगी निर्माण एजेंसी
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. सरकार का प्रयास परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का है.
सुल्तानपुर में बढ़ेगा निवेश और रोजगार
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास क्लस्टर विकसित होने से सुल्तानपुर को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे विनिर्माण इकाइयों की स्थापना, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. परियोजना के निर्माण और इसके तहत उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने के साथ सुल्तानपुर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है.
8 मेगा औद्योगिक इकाइयों को भी बड़ी राहत
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत 8 मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) जारी करने की संस्तुति को भी मंजूरी दे दी है. इन आठ इकाइयों की ओर से प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. नीति के तहत इन इकाइयों को नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा. इन निवेश प्रस्तावों पर उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (HLEC) की 4 मई 2026 को हुई बैठक में विचार किया गया था. समिति ने कैबिनेट से मंजूरी की सिफारिश की थी. अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इन औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने का रास्ता साफ हो गया है.
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पूर्वांचल से लेकर पूरे यूपी में औद्योगिक विस्तार पर जोर
सुल्तानपुर में नया औद्योगिक क्लस्टर और आठ मेगा इकाइयों के निवेश को मंजूरी योगी सरकार की औद्योगिक विस्तार की रणनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और निवेश प्रोत्साहन के जरिए सरकार का फोकस प्रदेश में नए उद्योग लाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है.


