Noida News: नोएडा के पर्थला गोलचक्कर पर रोज लगने वाले जाम से अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. नोएडा प्राधिकरण ने यहां छह लेन का 710 मीटर लंबा अंडरपास बनाने का फैसला किया है. करीब 85.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस अंडरपास के बनने के बाद सेक्टर-63 के छिजारसी, औद्योगिक सेक्टर फेज-2, एमपी-3 रोड और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तरफ आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों को रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
पर्थला चौक पर खत्म होगा जाम
पर्थला चौक FNG कॉरिडोर और विकास मार्ग का अहम जंक्शन है. यहां से गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद की ओर जाने वाले रास्ते जुड़ते हैं. इन प्रमुख मार्गों के मिलने के कारण यहां दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है. सुबह और शाम पीक आवर्स में स्थिति और खराब हो जाती है. अंडरपास बनने के बाद मुख्य यातायात को नीचे से निकाला जाएगा, जिससे चौराहे पर वाहनों के रुकने और जाम की समस्या कम होगी.
दोनों दिशाओं में होंगी 3-3 लेन
प्रस्तावित अंडरपास छह लेन का होगा. दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी. इसकी कुल लंबाई करीब 710 मीटर होगी. परियोजना में करीब 110 मीटर लंबा RCC बॉक्स, 20 मीटर का खुला हिस्सा और दोनों तरफ 280-280 मीटर लंबे अप्रोच रोड शामिल होंगे.
बारिश में नहीं डूबेगा अंडरपास
अंडरपास में बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. पानी की निकासी के लिए दो संपवेल और पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा. निर्माण के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा ढांचों की स्थिरता बनाए रखने के लिए डायफ्राम वॉल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.
FNG कॉरिडोर पर सफर होगा तेज
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, अंडरपास बनने के बाद FNG कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही ज्यादा सुचारू हो जाएगी. पर्थला चौक पर ट्रैफिक सिग्नल या चौराहे पर रुकने वाले वाहनों की संख्या कम होने से यात्रा का समय भी घट सकता है.
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इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस परियोजना का सीधा फायदा सेक्टर-66, 71, 121, 122, छिजारसी, किसान चौक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट समेत आसपास के इलाकों में रहने और काम करने वाले लोगों को मिलेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है. करीब 85.50 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है. अंडरपास बनने के बाद पर्थला चौक पर जाम से राहत के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और FNG कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है.


