Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और गोरखा जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया है. नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से 644 यात्रियों के लापता होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है. इनमें 178 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि लापता लोगों की सूची ट्रेकिंग और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है. इसमें 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. हालांकि, आंकड़ों का अभी सत्यापन किया जा रहा है और ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी को क्रॉस-चेक किया जा रहा है.
28 देशों के नागरिक लापता
नेपाल में आई इस भीषण आपदा का असर सिर्फ स्थानीय लोगों और भारतीय पर्यटकों तक सीमित नहीं है. कई दूसरे देशों के नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 178 भारतीय नागरिक, 53 यूक्रेनी , 35 ऑस्ट्रेलियाई , 25 कनाडाई का नाम है, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के सूत्रों के मुताबिक, अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार 28 देशों के 476 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है. हालांकि, राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण इन आंकड़ों में बदलाव संभव है.
चार जिलों में सबसे ज्यादा तबाही
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और गोरखा जिलों में नदी किनारे के इलाकों पर पड़ा है. इन क्षेत्रों में सड़कें और दर्जनों पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं. कई जगहों पर संपर्क टूट गया है. नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां हेलीकॉप्टर और जमीनी टीमों के जरिए राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं. प्रभावित लोगों तक खाना, पानी, दवाइयां और मेडिकल सहायता पहुंचाई जा रही है. कई जगहों पर अस्थायी शिविर भी बनाए गए हैं.
भारत में भी अलर्ट, बॉर्डर इलाकों पर नजर
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत में भी प्रशासन सतर्क हो गया है. हालांकि, भारतीय सीमा वाले इलाकों में फिलहाल बाढ़ के किसी प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं है. NDRF के इंस्पेक्टर जनरल नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि संवेदनशील जिलों, खासकर कुशीनगर और पश्चिमी चंपारण, में नदियों के पानी के डिस्चार्ज पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. राज्य सरकारों और केंद्रीय जल आयोग (CWC) की ओर से भी लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
नेपाल की मदद के लिए भारत ने बढ़ाया हाथ
इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजने का सिलसिला तेज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 37.5 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री, दवाइयों और फूड पैकेट्स से लदी दूसरी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है. भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाना है.
भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल में लापता या प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ये नंबर WhatsApp पर भी उपलब्ध हैं.
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
+977 981 032 6117
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नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को भी संकट में डाल दिया है. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को तलाशना और प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना है. जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, लापता लोगों और बरामद शवों के आंकड़ों की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है.


