UP Weather Update 29 August 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल बनी हुई हैं, लेकिन 29 अगस्त 2026, शनिवार को बारिश की तीव्रता में कमी रहने का अनुमान है. मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ अलग-अलग स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है.
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29 अगस्त को किन जिलों में अलर्ट है?
29 अगस्त के लिए मौसम विभाग के बुलेटिन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश, दोनों क्षेत्रों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है. इसलिए 29 अगस्त के लिए किसी जिले को भारी बारिश या वज्रपात की वार्निंग वाले जिले के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है.
बारिश या गरज-चमक की स्थानीय गतिविधि से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है. ऐसे में जिलेवार स्थिति में स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है और लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र 27 अगस्त को भी उसी क्षेत्र में सक्रिय था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था. इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण मौजूद था. इसके प्रभाव से 29 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई थी.
पिछले 24 घंटे में बारिश का असर
27 अगस्त को जारी बुलेटिन के मुताबिक इससे पहले के 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में सक्रिय रहा. कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई. कुछ इलाकों में मेघगर्जन भी हुआ.
इस दौरान बिलारी, महोबा, सहसवान, कुलपहाड़, गोंडा, बांदा और आसपास के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई. बिलारी में 16 सेमी, महोबा और सहसवान में 15-15 सेमी तथा कुलपहाड़ में 14 सेमी बारिश दर्ज की गई.
तापमान में बढ़ोतरी के संकेत
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. इसके बाद दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने और फिर लगभग इतनी ही गिरावट की संभावना है. न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
29 अगस्त को क्या असर पड़ सकता है?
29 अगस्त के लिए कोई भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं है, इसलिए व्यापक स्तर पर भारी बारिश जैसी स्थिति का अनुमान नहीं है. फिर भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के कारण सड़कों पर फिसलन, जलभराव और स्थानीय यातायात पर असर पड़ सकता है. किसानों के लिए स्थानीय बारिश उपयोगी हो सकती है, लेकिन खेतों में काम करते समय गरज-चमक की स्थिति पर विशेष ध्यान देना जरूरी रहेगा.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें. गरज-चमक होने पर पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखें. वाहन चालकों को गीली सड़कों पर गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में किसान स्थानीय मौसम अपडेट देखकर ही जरूरी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं.
आगे कैसा रहेगा मौसम?
30 अगस्त को भी दोनों हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है. 31 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. 1 सितंबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
FAQs
1. 29 अगस्त को यूपी में बारिश होगी?
हां, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों में कुछ अलग-अलग स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है.
2. क्या 29 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है?
नहीं. मौसम केंद्र लखनऊ के बुलेटिन में 29 अगस्त के लिए दोनों क्षेत्रों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
3. 29 अगस्त को किन जिलों में वार्निंग है?
29 अगस्त के लिए किसी जिले को अलग से चेतावनी वाले जिले के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है.
4. क्या तापमान बढ़ेगा?
अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है.
5. आगे भारी बारिश कब हो सकती है?
31 अगस्त और 1 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में तथा 2 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र लखनऊ.


