Weather Update 28 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के फोरकास्ट के अनुसार, शुक्रवार 28 अगस्त को पूर्वी और मध्य भारत समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा रहेगा. IMD ने 28 अगस्त को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है.
28 अगस्त को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक 28 अगस्त को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
इस दौरान कुछ राज्यों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का जोखिम भी रहेगा. बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, झारखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
ओडिशा में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा
28 अगस्त के पूर्वानुमान में ओडिशा खास तौर पर महत्वपूर्ण है. यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी हो सकती है.
IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान में भी ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक व्यापक बारिश की स्थिति बने रहने का संकेत दिया गया है. 29 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
बिहार में बारिश के साथ बिजली का खतरा
बिहार के लिए 28 अगस्त का मौसम भी सावधानी वाला है. IMD ने राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.
IMD ने बिहार में 28 और 29 अगस्त को मध्यम से गंभीर स्तर की बिजली गतिविधि की संभावना भी बताई है. ऐसे में खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी या अन्य जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
उत्तर प्रदेश में बारिश का असर
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. यहां गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. IMD के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है और 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच भी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 अगस्त को बारिश की संभावना अपेक्षाकृत सीमित यानी अलग-अलग स्थानों तक है. हालांकि पहले से हुई बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है.
चेतावनी वाले जिलों की पूरी सूची
IMD के फ्लैश फ्लड वॉर्निंग सेक्शन के अनुसार अगले 24 घंटे में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर का अचानक बाढ़ जोखिम बताया गया है. उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली, गढ़वाल पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले शामिल हैं.
पूर्वी मध्य प्रदेश में पन्ना, छतरपुर, सतना और रीवा जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महोबा, जालौन और झांसी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कानपुर सिटी, उन्नाव, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और रायबरेली जिलों को भी इस चेतावनी में शामिल किया गया है.
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम
IMD के सात दिवसीय बारिश पूर्वानुमान में 28 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए अलग-अलग स्थानों पर बारिश की श्रेणी बताई गई है. यानी राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश संभव है, लेकिन बुलेटिन में दिल्ली के लिए 28 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है.
27 अगस्त को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई थी. इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव वाले क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी रह सकती है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय रहेगा मानसून
28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है और गरज-चमक की गतिविधि बनी रह सकती है. IMD ने 27 से 31 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली की संभावना बताई है.
सात दिन के पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 से 29 अगस्त तक व्यापक बारिश और छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है.
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक और बिजली की गतिविधियां भी हो सकती हैं.
असम और मेघालय में 27 से 29 अगस्त तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 31 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई है.
दक्षिण और तटीय इलाकों में भी सावधानी जरूरी
28 अगस्त को आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और आसपास के दक्षिणी राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है. तटीय कर्नाटक में 27 अगस्त से 2 सितंबर तक काफी व्यापक बारिश की संभावना है.
मौसम सिस्टम क्यों सक्रिय है
IMD के अनुसार 27 अगस्त की शाम दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उसी इलाके में बना हुआ था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था. मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र, डेहरी और दीघा से होते हुए बंगाल की उत्तर-पूर्वी खाड़ी की ओर जा रही थी.
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तट के ऊपर ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके प्रभाव से 29 अगस्त के आसपास उसी क्षेत्र में एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है.
भारी बारिश का आम जनजीवन पर क्या असर होगा
तेज बारिश और हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं. बागवानी, फसलों और खड़ी फसल को नुकसान हो सकता है. कमजोर मकानों, कच्ची दीवारों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हो सकता है और कुछ निचले इलाकों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी घट सकती है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
बारिश और आंधी के दौरान मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और परिस्थितियां बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें. बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें. पानी में खड़े रहने या जलस्रोतों के पास जाने से बचना जरूरी है. बिजली गिरने की आशंका हो तो बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और ऐसे सामान से दूरी रखें जो बिजली का संचालन कर सकते हैं.
वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी रखनी चाहिए. तेज बारिश के समय दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए जल्दबाजी में वाहन चलाने से बचना बेहतर है. पहाड़ी जिलों में रहने या यात्रा करने वालों को भूस्खलन और अचानक पानी आने वाले संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता रखनी चाहिए.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए नालियों और निकासी मार्गों को साफ रखना जरूरी है. बिहार में खड़ी फसलों में उचित जल निकासी बनाए रखने और अत्यधिक गीली स्थिति में खेत का काम टालने की सलाह दी गई है. उत्तराखंड में भी पर्याप्त बारिश होने पर सिंचाई से बचने और गन्ने तथा मक्का के खेतों में जल निकासी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
28 अगस्त का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र/राज्य | 28 अगस्त की स्थिति |
|---|---|
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | भारी बारिश और बिजली की संभावना |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | भारी बारिश और गरज-चमक |
| छत्तीसगढ़ | भारी बारिश की संभावना |
| झारखंड | भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा |
| अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय | भारी बारिश और बिजली |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा | भारी बारिश और गरज-चमक |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम | भारी बारिश और तेज हवा |
| दिल्ली-NCR | अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना |
| दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र | कई जगह गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश |
अगले दिनों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD के अनुसार 29 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
FAQs
1. 28 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
2. क्या बिहार में सिर्फ बारिश का खतरा है?
नहीं. बिहार में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. 28 और 29 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना भी बताई गई है.
3. किन जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है?
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली, गढ़वाल पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़; पूर्वी मध्य प्रदेश में पन्ना, छतरपुर, सतना और रीवा; पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महोबा, जालौन और झांसी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कानपुर सिटी, उन्नाव, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और रायबरेली शामिल हैं.
4. बिजली गिरने के समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
पेड़ के नीचे खड़े न हों, जलस्रोतों से बाहर निकलें, बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें.
5. क्या 28 अगस्त के बाद बारिश कम हो जाएगी?
ऐसा पूरे देश के लिए नहीं कहा जा सकता. IMD के अनुसार कई राज्यों में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. ओडिशा, बिहार, पूर्वोत्तर, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में अगले दिनों के लिए बारिश की चेतावनी बनी हुई है.


