Nepal flood News: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. शुक्रवार शाम तक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है, जबकि 1,924 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की शाम 7 बजे जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं, 101 घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तिब्बत में झील फटने से भोटेकोसी नदी उफान पर
चितवन में सबसे ज्यादा मौतें
आपदा में सबसे ज्यादा शव चितवन में 233 बरामद हुए हैं. इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 154, गोरखा में 46, धादिंग में 40, नुवाकोट में 37, तनहूं में 30, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 शव मिले हैं. गोरखा के आंकड़े में मानव शरीर के अलग-अलग हिस्से भी शामिल हैं. लापता लोगों की संख्या में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले लोग, विदेशी नागरिक, आम नागरिक और सुरक्षा एवं सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. अकेले हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से 933 लोग लापता हैं, जबकि 517 विदेशी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है.
15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे
नेपाल सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है. NDRRMA के अनुसार 15,431 सुरक्षाकर्मियों को अभियान में लगाया गया है. इनमें नेपाल आर्मी के 6,755, नेपाल पुलिस के 4,473 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 4,203 जवान शामिल हैं. रेस्क्यू टीमों ने अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है. इनमें हाइड्रोपावर टनल से बचाए गए 191 लोग भी शामिल हैं. शुक्रवार को हेलीकॉप्टरों के जरिए 517 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. अब तक 129 विदेशी नागरिकों को भी रेस्क्यू किया जा चुका है.
हेलीकॉप्टरों से पहुंचाई जा रही मदद
बाढ़ से कई इलाके पूरी तरह कट गए हैं. ऐसे क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई अभियान तेज किया गया है. अब तक 99 एयर फ्लाइट्स संचालित की जा चुकी हैं. नेपाल आर्मी और निजी ऑपरेटरों के कुल 16 हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं. आपदा में क्षतिग्रस्त हुए 198 टेलीफोन टावरों में से 145 को दोबारा चालू कर दिया गया है. इससे प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क बहाल करने में मदद मिल रही है. नेपाल सरकार ने रसुवा और नुवाकोट के लिए 1-1 करोड़ नेपाली रुपये तथा धादिंग के लिए 50 लाख नेपाली रुपये जारी किए हैं. इसके अलावा 15 स्थानीय निकायों के लिए 6.75 करोड़ नेपाली रुपये आवंटित किए गए हैं.
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल की भयावह स्थिति को देखते हुए भारत ने भी राहत और बचाव सहायता बढ़ा दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक भारत अब तक दो विमानों के जरिए राहत सामग्री भेज चुका है और तीसरी उड़ान भेजने की तैयारी कर रहा है. 26 अगस्त को भेजे गए पहले विमान में करीब 10 टन राहत सामग्री थी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं. 27 अगस्त को भेजे गए दूसरे विमान में 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई. प्रस्तावित तीसरी उड़ान में करीब 12-13 टन मानवीय सहायता भेजे जाने की तैयारी है. इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन, पानी साफ करने वाली गोलियां और दवाइयां शामिल होंगी. तीसरी उड़ान के बाद भारत की ओर से नेपाल को भेजी गई राहत सामग्री करीब 60 टन हो जाएगी.
टनल रेस्क्यू टीम और NDRF भी तैयार
भारत ने नेपाल को टनल रेस्क्यू में भी सहायता की पेशकश की है. इसके लिए पहले एक रिकॉनिसेंस टीम भेजी जा रही है, जो मौके का जायजा लेकर जरूरी उपकरणों का आकलन करेगी. भारत ने मेडिकल टीम भेजने की भी तैयारी की है. इसके अलावा भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी टीम उपलब्ध कराने की पेशकश की है, ताकि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में संपर्क बहाल किया जा सके. भारत ने नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमों को उपकरणों के साथ भेजने की पेशकश भी की है.
नेपाल में फंसे भारतीयों को निकालने की कोशिश जारी
भारत सरकार नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है. इसके अलावा अन्य देशों की नागरिकता रखने वाले करीब 100 भारतीय मूल के लोगों से भी संपर्क नहीं हो सका है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक दिल्ली पहुंच चुके हैं. वहीं, त्रिशूली वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीयों को पहले ही रेस्क्यू किया जा चुका है. चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक भी सुरक्षित जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच चुके हैं.
पीएम समेत मंत्रियों ने एक महीने की सैलरी राहत कोष में देने का फैसला किया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने एक महीने का वेतन प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में देने का फैसला किया है. सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों और कारोबारियों के लिए राहत एवं पुनर्वास पैकेज तैयार करने का भी निर्देश दिया है. इसके अलावा नेपाल सरकार ने भारत से सरकार-से-सरकार व्यवस्था के तहत 25,000 मीट्रिक टन DAP खाद खरीदने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है.
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26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
यह आपदा 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद शुरू हुई. तेज पानी, मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों के बहाव ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र के आसपास भारी तबाही मचाई. अब तक 579 मौतें और 1,924 लोगों के लापता होने के बीच नेपाल का राहत एवं बचाव अभियान बेहद अहम दौर में पहुंच गया है. हजारों सुरक्षाकर्मी, हेलीकॉप्टर और विभिन्न एजेंसियों की टीमें लगातार मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं और कटे हुए इलाकों तक राहत पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं.


