MP Weather Update 29 August 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं और कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम केंद्र, भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार 29 अगस्त के आसपास बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 29 अगस्त के आसपास इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है.
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तिब्बत में झील फटने से भोटेकोसी नदी उफान पर
किन इलाकों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार और इंदौर जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बताई गई है.
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर और पांढुर्णा में अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है.
वहीं शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना बताई गई है.
इन जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग की चेतावनी में छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना बताई गई है.
इसके अलावा राजगढ़, बैतूल, आगर, गुना, शिवपुरी, दतिया, भिंड, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह और मैहर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है.
निवाड़ी जिले में अत्यधिक भारी बारिश, जबकि आगर मालवा, दतिया और निवाड़ी में अति भारी बारिश दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है. यह विवरण 27 अगस्त को जारी मौसम सारांश से संबंधित है, इसलिए इसे 29 अगस्त का नया रिकॉर्ड नहीं माना जाना चाहिए.
29 अगस्त को क्या रहेगा असर
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदी, नालों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है. मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना और रीवा जिलों में अगले 24 घंटे के लिए कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड जोखिम की भी जानकारी दी है.
आंधी और बिजली गिरने के दौरान सावधानी जरूरी
गरज-चमक या वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें. संभव हो तो घर के अंदर रहें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें. बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग करने की सलाह दी गई है. जलाशय, तालाब या नदी के पास मौजूद लोग तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.
बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा. यदि वाहन चलाना जरूरी हो तो गति कम रखें और जलभराव वाली सड़कों, पुलों तथा खुले ऊंचे रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है, ताकि जलभराव से फसल और जड़ों को नुकसान न हो. बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक डालने और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने को कहा गया है.
तेज हवा की आशंका वाले क्षेत्रों में सब्जियों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को बारिश से बचाकर रखें. पॉलीहाउस, नेट हाउस और अन्य संरक्षित खेती की संरचनाओं को भी तेज हवाओं से सुरक्षित करने की सलाह दी गई है.
पशुपालक भी रहें सतर्क
आंधी और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को खुले मैदान में न छोड़ें. उन्हें सुरक्षित और संरक्षित पशु शेड में रखें. तालाब, नदी और अन्य खुले जलस्रोतों से पशुओं को दूर रखने की सलाह दी गई है. पशुओं के लिए साफ पानी और पर्याप्त चारे की व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है.
मौसम विभाग की सलाह को प्राथमिकता दें
मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी का असर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकता है. इसलिए किसी भी यात्रा या कृषि गतिविधि की योजना बनाने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी जरूर देखें. मौसम केंद्र, भोपाल ने भी नवीनतम मौसम अपडेट के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है.
FAQs
1. 29 अगस्त को मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
हां, मौसम विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान में कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बताई गई है.
2. किन जिलों में बहुत भारी बारिश का खतरा है?
छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है.
3. फ्लैश फ्लड का खतरा किन जिलों में है?
पन्ना, छतरपुर, सतना और रीवा के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है.
4. बिजली चमकने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खुले स्थान से निकलकर सुरक्षित भवन में जाएं. पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों और जलस्रोत से तुरंत दूर हो जाएं.
5. किसान बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
खेत में जल निकासी बनाए रखें, बारिश के दौरान सिंचाई और रासायनिक छिड़काव रोकें तथा कटी फसल, बीज और कृषि सामग्री को सुरक्षित व जलरोधक स्थान पर रखें.
Source: मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश


