Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ अब रक्षा तकनीक और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है. रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के तेजी से बदलते स्वरूप और विकास कार्यों पर चर्चा की. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंट क्षेत्र के लिए 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी.
प्रमुख विकास परियोजनाएं और नई पहलें
कैंट क्षेत्र में खेल परिसर, दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल, मंगला देवी स्कूल में ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’, रोबोटिक कार पार्किंग और एकता बाजार में सिटी पॉलीक्लिनिक की स्थापना की जाएगी. कैंट इलाके में पुरानी पानी की पाइपलाइनों को बदलने, नए ओवरहेड टैंक और स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का काम होगा. जिसके लिए 101 करोड़ की सौगात दी गई.
गोमती नदी का कायाकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि इस साल के अंत तक गोमती नदी को पूरी तरह स्वच्छ और अविरल बनाने के लक्ष्य पर युद्धस्तर पर काम जारी है. ‘सीएम ग्रिड योजना’ के तहत स्मार्ट सड़कों का निर्माण और ‘किसान पथ’ (आउटर रिंग रोड) से शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक रूप दिया गया है.
ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक रक्षा तकनीक का मेल
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ वीरांगना ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी की ऐतिहासिक विरासत को संजोने के साथ-साथ पारंपरिक चिकनकारी और खानपान के लिए वैश्विक पहचान रखता है. वहीं, अब यह शहर ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण के केंद्र के रूप में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और देश की सुरक्षा को मजबूती दे रहा है. उन्होंने बताया कि यह विकास पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के तेज विकास और परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की और इन प्रयासों को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ा.


