Weather Update 1 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD की वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन के मुताबिक, मंगलवार 1 सितंबर को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है. खास तौर पर छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
1 सितंबर को मौसम का सबसे बड़ा अपडेट
IMD के अनुसार 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. वहीं बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा तथा उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है.
कहां ज्यादा बारिश का खतरा
| क्षेत्र | 1 सितंबर का अनुमान |
|---|---|
| छत्तीसगढ़ | भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ जगह अत्यंत भारी बारिश |
| बिहार | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| झारखंड | भारी से बहुत भारी बारिश |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| उत्तराखंड | भारी से बहुत भारी बारिश |
| नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा | भारी से बहुत भारी बारिश |
| अरुणाचल प्रदेश | भारी बारिश |
| असम और मेघालय | भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र | भारी बारिश |
| पश्चिम बंगाल और सिक्किम | भारी बारिश |
| पश्चिमी उत्तर प्रदेश | भारी बारिश |
यह पूर्वानुमान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना को दर्शाता है, इसलिए इसका मतलब यह नहीं है कि संबंधित पूरे राज्य में एक जैसी बारिश होगी. IMD के बुलेटिन में 1 सितंबर की चेतावनियां अलग-अलग स्थानों के लिए जारी की गई हैं.
बिहार, यूपी और झारखंड में खास सतर्कता
बिहार में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंकों के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है. झारखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना है. उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग इलाकों में बिजली के साथ गरज-चमक हो सकती है.
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी बारिश का असर
छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की आशंका सबसे प्रमुख मौसम चेतावनियों में शामिल है. IMD ने पहले ही 31 अगस्त और 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश की संभावना बताई है. ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का जोखिम बढ़ सकता है.
फ्लैश फ्लड का भी खतरा, इन जिलों पर नजर
IMD के 24 घंटे के Flash Flood Risk Outlook के अनुसार 1 सितंबर शाम 5:30 बजे तक कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम है. हिमाचल प्रदेश में शिमला और सिरमौर तथा उत्तराखंड में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और पिथौरागढ़ शामिल हैं.
छत्तीसगढ़ में बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, मनेंद्रगढ़-भरतपुर, मुंगेली, रायगढ़ और सरगुजा जिलों में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. ओडिशा में अंगुल, बालासोर, बरगढ़, कटक, देवगढ़, ढेंकनाल, जगतसिंहपुर, जाजपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझरगढ़, मयूरभंज, संबलपुर, सोनपुर और सुंदरगढ़ शामिल हैं.
झारखंड में बोकारो, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम का अनुमान है. गंगीय पश्चिम बंगाल में बांकुड़ा, पूर्वी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पुरुलिया भी इस सूची में हैं.
गरज-चमक और तेज हवाओं से भी रहें सावधान
1 सितंबर को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंकों के साथ गरज-चमक की संभावना है. बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंकों के साथ गरज-चमक हो सकती है.
आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने तथा बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान की स्थिति बन सकती है. कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को भी आंशिक नुकसान हो सकता है. भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की स्थिति बन सकती है. बारिश के दौरान दृश्यता घटने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
IMD ने बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों को खेतों में पानी की निकासी बेहतर रखने की सलाह दी है. बिहार में धान, मक्का, तिल, अरहर और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा अत्यधिक गीले खेतों में कुछ कृषि कार्य, उर्वरक और पौध संरक्षण संबंधी गतिविधियां मौसम अनुकूल होने तक टालने को कहा गया है. छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी जलभराव से बचने के लिए खेतों की नालियों और निकासी व्यवस्था को साफ रखने की सलाह दी गई है.
आज क्या सावधानी रखें
तेज बारिश के दौरान मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे खड़े न हों. बिजली गिरने की आशंका हो तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को unplug करें, पानी के स्रोतों से दूर रहें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें. जलभराव वाले रास्तों और कमजोर ढांचों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचना भी महत्वपूर्ण है. IMD ने पर्यटन और recreational activities को भी मौसम की स्थिति के अनुसार नियंत्रित करने की सलाह दी है.
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम
IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान में 1 से 6 सितंबर के बीच भी कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. बिहार में 1 से 6 सितंबर तक अलग-अलग स्तर पर बारिश का अनुमान है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 6 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. छत्तीसगढ़ में 1 से 6 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 5 सितंबर के बीच बारिश की स्थिति मजबूत रहने का अनुमान है. कोंकण और गोवा तथा तटीय कर्नाटक में भी इस अवधि में व्यापक बारिश का दौर जारी रह सकता है.
समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी
1 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट के पास और मन्नार की खाड़ी तथा दक्षिण श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से squally winds के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों तथा आसपास के समुद्री हिस्सों में भी तेज हवाओं की स्थिति बताई गई है. अंडमान सागर में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं, झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं.
FAQ
1. क्या 1 सितंबर को पूरे देश में भारी बारिश होगी?
नहीं. IMD के अनुसार बारिश की गतिविधियां कई हिस्सों में रहेंगी, लेकिन भारी या बहुत भारी बारिश का खतरा मुख्य रूप से कुछ राज्यों और अलग-अलग स्थानों तक सीमित है. कई दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश अलग-अलग या कुछ स्थानों पर होने का अनुमान है.
2. सबसे ज्यादा चिंता किस राज्य को लेकर है?
1 सितंबर के लिए छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
3. क्या भारी बारिश का मतलब बाढ़ आना तय है?
नहीं. IMD ने कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया है. इसका अर्थ संभावित जोखिम है, निश्चित रूप से बाढ़ आना नहीं.
4. बारिश में बाहर निकलते समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे शरण न लें, पानी के स्रोतों से दूर रहें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें. जलभराव और कमजोर सड़कों वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना भी बेहतर है.
5. किसानों को अभी सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों में पानी की निकासी व्यवस्था जांचनी चाहिए. जहां मिट्टी पूरी तरह संतृप्त है, वहां अनावश्यक कृषि कार्य, सिंचाई, उर्वरक या पौध संरक्षण गतिविधियों को मौसम और खेत की स्थिति अनुकूल होने तक टालने की सलाह दी गई है.
स्रोत और मौसम बुलेटिन
यह मौसम अपडेट भारत मौसम विज्ञान विभाग


