Haryana High Speed Rail: हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी है. राज्य में प्रस्तावित गुरुग्राम-मानेसर-बावल हाई-स्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिए कई बड़े औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों को आपस में जोड़ने की योजना है. इस परियोजना के तहत मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स को भी गति मिलने की उम्मीद है. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के अनुसार, गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा और बावल समेत प्रमुख औद्योगिक टाउनशिप के बीच तेज रफ्तार कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है. परियोजना का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और आवागमन को आसान बनाना है.
मेट्रो और सब-अर्बन रेल की तर्ज पर बनेगा सिस्टम
प्रस्तावित कॉरिडोर को मेट्रो और सब-अर्बन रेल सिस्टम की तर्ज पर विकसित करने की योजना है. इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार एलिवेटेड, सेमी-एलिवेटेड और जमीन पर ट्रैक विकसित किए जा सकते हैं. योजना के अनुसार, भविष्य में यह नेटवर्क गुरुग्राम-मानेसर-बावल औद्योगिक बेल्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. अनुमान है कि वर्ष 2040 तक इस कॉरिडोर से प्रतिदिन करीब 11.6 लाख से 22.4 लाख यात्रियों के आवागमन की क्षमता विकसित की जा सकती है.
उद्योगों और यात्रियों दोनों को मिलेगा फायदा
यह प्रस्तावित MRTS कॉरिडोर हरियाणा के बड़े मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है. इससे औद्योगिक क्षेत्रों तक कर्मचारियों का आवागमन तेज और आसान होने की उम्मीद है. इसके साथ ही माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों की सप्लाई चेन मजबूत होने और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है.
नांगल चौधरी में बनेगा 886 एकड़ में लॉजिस्टिक्स हब
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित नांगल चौधरी क्षेत्र में भी बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब के विकास की योजना है. यह परियोजना करीब 886 एकड़ जमीन में विकसित की जानी है. यह लॉजिस्टिक्स हब वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के नजदीक स्थित होगा. परियोजना को एनआईसीडीसी और HSIIDC के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित करने की तैयारी है. जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना के लिए 686 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है और इसे विकसित करने के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) को जमीन सौंपी गई है.
‘औद्योगिक और आर्थिक ढांचे में आएगा बड़ा बदलाव’
HSIIDC के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान के अनुसार, राज्य में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है. इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों को बेहतर तरीके से आपस में जोड़ना और माल ढुलाई के साथ यात्रियों के आवागमन को तेज करना है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा के आर्थिक और औद्योगिक ढांचे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है.
गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी को भी मिलेगा फायदा
गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को राज्य के बड़े आईटी और कॉरपोरेट हब के रूप में तैयार करने की योजना है. ऐसे में बेहतर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और मजबूत परिवहन नेटवर्क से इस क्षेत्र की औद्योगिक और व्यावसायिक क्षमता को और मजबूती मिल सकती है.


