Ghaziabad Elevated Road: गाजियाबाद शहर में जीटी रोड पर घंटाघर के आसपास रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 173वीं बोर्ड बैठक में घंटाघर से भाटिया मोड़ तक नया एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने को मंजूरी दे दी गई है. करीब दो किलोमीटर लंबे इस चार लेन एलिवेटेड रोड के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में यातायात व्यवस्था, हरनंदीपुरम आवासीय योजना, एयरोसिटी और औद्योगिक विकास समेत कुल 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में मेरठ मंडलायुक्त एवं बोर्ड अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
घंटाघर के जाम से मिलेगी राहत
बोर्ड बैठक का सबसे अहम प्रस्ताव शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़ा रहा. घंटाघर से भाटिया मोड़ तक करीब दो किलोमीटर लंबा चार लेन ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाया जाएगा. इस परियोजना के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. निर्माण कार्य अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें 100 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा. एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहन चालक ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के बाद सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर पर पहुंच सकेंगे और भाटिया मोड़ आरओबी के रास्ते आगे निकल जाएंगे. इससे जीटी रोड के सबसे व्यस्त हिस्सों में शामिल घंटाघर क्षेत्र में जाम का दबाव कम होने की उम्मीद है.
एयरोसिटी के लिए जुटाई जाएगी 541 हेक्टेयर जमीन
बोर्ड बैठक में गाजियाबाद की प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण मंजूरी दी गई. एयरोसिटी के लिए जमीन जुटाने के प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रस्ताव को बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास मोरटी, अटौर और मेवला नगला गांवों की जमीन भूमि पूलिंग, आपसी सहमति और अधिग्रहण के माध्यम से जुटाई जाएगी. एयरोसिटी क्षेत्र में आवासीय और वाणिज्यिक गतिविधियों के अलावा होटल, मनोरंजन, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों का विकास किया जाएगा.
सितंबर में लॉन्च हो सकता है हरनंदीपुरम का पहला फेज
गाजियाबाद की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना के पहले फेज को भी बोर्ड से मंजूरी मिल गई है. पहले फेज के 47 हेक्टेयर क्षेत्र में से 24 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग में बदलाव को मंजूरी दी गई है. करीब 501 हेक्टेयर में विकसित होने वाली आवासीय योजना का लेआउट तैयार हो चुका है. भू-उपयोग परिवर्तन के बाद अब रेरा में आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. प्राधिकरण सितंबर तक पहले फेज को लॉन्च करने की तैयारी में है. जीडीए भविष्य में हरनंदीपुरम के दो अन्य फेज भी लॉन्च करने की योजना बना रहा है.
हिंडन नदी किनारे बनेगा साढ़े छह किमी लंबा बांध मार्ग
हरनंदीपुरम, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है. हिंडन नदी के दाहिने तट पर बांध निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबे बांध मार्ग की डीपीआर तैयार हो चुकी है. इसके बनने से आसपास विकसित होने वाली बड़ी परियोजनाओं को बाढ़ के खतरे से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है.
हापुड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र
बोर्ड बैठक में हापुड़ के औद्योगिक विकास को लेकर भी प्रस्ताव पास किया गया. यूपी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत धौलाना तहसील के हसरनपुर लोधा में 13.1568 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग को कृषि से औद्योगिक करने की मंजूरी दी गई है. इस फैसले के बाद क्षेत्र में सूक्ष्म से लेकर मध्यम स्तर तक के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे, जिससे निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
बोर्ड बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगी. इनमें सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग भूखंड जीएच-1 से जुड़े मामले, निजी निवेश से विकसित हो रही सागा क्रेसेंट पार्क और पार्क टाउन इंटीग्रेटेड टाउनशिप की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव शामिल हैं. इसके अलावा राजनगर सेक्टर-5 में प्राथमिक विद्यालय के भूखंड के भू-उपयोग में बदलाव, शाहपुर बम्हैटा में 78.77 एकड़ भूमि पर निजी टाउनशिप विकास की डीपीआर और पुलिस सिटी सहकारी आवास समिति की भूमि से जुड़े भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. नया एलिवेटेड रोड, हरनंदीपुरम की लॉन्चिंग, एयरोसिटी और औद्योगिक क्षेत्र जैसे फैसलों के साथ गाजियाबाद के विकास को एक साथ कई बड़ी परियोजनाओं की रफ्तार मिलने जा रही है.


