Kanpur News: औद्योगिक नगरी कानपुर के बुनियादी ढांचे और कारोबार को नई ऊंचाई देने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने मास्टर प्लान पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. चकेरी एयरपोर्ट से सटे जाजमऊ के सीवरेज फार्म की 1251 एकड़ जमीन पर एक विशाल ‘एयरो सिटी’ विकसित की जाएगी. इसके साथ ही, शहर के बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए 5000 एकड़ में प्रस्तावित ‘ग्रेटर कानपुर’ योजना का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है.
3 कंपनियां रेस में, दो महीने में फाइनल होगा खाका
एयरो सिटी के प्रोजेक्ट डिजाइन और विकास के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है. KDA के मुख्य अभियंता आरआरपी सिंह के अनुसार, कंपनियों की टेक्निकल और इकोनॉमिक बिड की जांच चल रही है. अगले दो महीनों में किसी एक कंपनी को शॉर्टलिस्ट कर लिया जाएगा, जिसके बाद धरातल पर काम शुरू होगा. बता दें कि जाजमऊ की इस जमीन को लेकर नगर निगम और KDA के बीच पिछले 5 साल से जारी विवाद भी शासन के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया है और जमीन KDA को सौंप दी गई है.
एयरो सिटी में क्या-क्या होगा खास?
इस बिजनेस सिटी को मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भू-उपयोग) के तहत विकसित किया जाएगा, जहां रहने और कारोबार की सुविधाएं एक ही जगह होंगी, 5-स्टार होटल, कन्वेंशन सेंटर, आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और आवासीय क्षेत्र होगा, वहीं एयरपोर्ट के आसपास चौड़ी सड़कें और चकेरी एयरपोर्ट के मुख्य गेट के सुंदरीकरण के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. बता दें कि मास्टर प्लान-2031 के तहत भविष्य में कोई कानूनी अड़चन न आए, इसके लिए मास्टर प्लान 2031 के तहत कृषि भूमि का लैंड-यूज बदलकर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक कर दिया गया है.
5000 एकड़ में आकार लेगा ‘ग्रेटर कानपुर’
एयरो सिटी के अलावा कानपुर के शहरी विस्तार के लिए 5000 एकड़ में ‘ग्रेटर कानपुर’ बसाने की तैयारी है. KDA ने इसके लिए जमीन का सर्वे शुरू कर दिया है और अब तक करीब 600 एकड़ जमीन चिह्नित भी की जा चुकी है. इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से कानपुर में बड़े पैमाने पर नए निवेश, रोजगार और व्यापारिक अवसरों के सृजन की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में शहर का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा.


