अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के बाद एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा पहली बार मीडिया के सामने आए. उन्होंने अपने चयन के लिए चयन समिति और प्रभु श्रीराम का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य और भगवान राम का आशीर्वाद है. नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट ने उन्हें जो बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि वह भगवान श्रीराम से प्रार्थना करेंगे कि उन्हें राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा करने का सामर्थ्य प्रदान करें.
भगवान मुझे यह दायित्व निभाने का सामर्थ्य दें
जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि मैं सबसे पहले चयन समिति का हार्दिक धन्यवाद करता हूं. इतने उम्मीदवारों में से मेरा चयन किया गया, यह मेरा सौभाग्य है. मैं इसे प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद मानता हूं. उन्होंने कहा कि देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद अब उन्हें प्रभु श्रीराम ने एक और अवसर दिया है, जिसके माध्यम से वह श्रीराम मंदिर और देश-दुनिया के राम भक्तों की सेवा कर सकेंगे. मैं प्रभु राम से प्रार्थना करूंगा कि वह मुझे सामर्थ्य दें कि मैं यह दायित्व भलीभांति निभा सकूं.
सोशल मीडिया और इंटरनेट से मिली थी जानकारी
अपने चयन की प्रक्रिया को लेकर जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्हें इस अवसर के बारे में सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से जानकारी मिली थी. चयन प्रक्रिया और इससे जुड़ी दूसरी जानकारियां भी उन्हें टीवी और अन्य माध्यमों से मिलती रही थीं. इस दौरान उन्होंने कहा कि चयन के लिए अपनाई गई सटीक प्रक्रिया के बारे में चयन समिति ही विस्तार से बता सकती है. हालांकि, उन्होंने एक बार फिर चयन समिति और प्रभु श्रीराम के प्रति आभार जताया.
बीते समय को भूलिए, आगे अच्छा काम करेंगे
राम मंदिर ट्रस्ट की आगे की कार्ययोजना को लेकर नए CEO ने कहा कि वह बीते हुए समय के बजाय आने वाले समय पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं. मैं बीते हुए समय के बारे में नहीं, बल्कि आने वाले समय के बारे में अधिक बात करना चाहूंगा. बीते समय को भूल जाएं, हम आने वाले समय में बहुत अच्छा काम करेंगे. जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि कार्यभार संभालने के बाद वह और उनकी टीम राम मंदिर ट्रस्ट के लिए जो भी सर्वोत्तम कार्य संभव होगा, उसे करने का प्रयास करेंगे.
नए ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय ने भी जताया आभार
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टी बनाए गए मदन मोहन पांडेय ने कहा कि ट्रस्ट उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, वह उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ट्रस्टी बनाए जाने की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्हें इसकी कोई अपेक्षा थी. परिस्थितियों के चलते ट्रस्ट में तीन पद रिक्त हुए, जिसके बाद उन्हें ट्रस्ट में शामिल किया गया. मदन मोहन पांडेय ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े अपने पुराने संघर्ष को भी याद किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने राम जन्मभूमि मामले में बिना किसी फीस के लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी और इसे सेवा भाव के रूप में देखा.
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें नियमित रूप से उपस्थित रहना पड़ता था और वह लगभग सभी महत्वपूर्ण सुनवाई में शामिल रहे. राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति और नए ट्रस्टियों के शामिल होने के बाद अब मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों और नई कार्यशैली के साथ आगे की तैयारी शुरू हो गई है.


