नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की ओर से NEET UG पेपर लीक के विरोध में देशभर में हुए प्रदर्शनों से जुड़े FIR रद्द करने के फैसले का CJP (Cockroach Janata Party) नेता अभिजीत दिपके ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला उन छात्रों और परिवारों के लिए “सच्ची न्याय की जीत” है, जिन्होंने पेपर लीक विवाद के खिलाफ आवाज उठाई थी. दिपके ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया. उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों के साथ-साथ देशभर में आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों की भी जीत है.
‘सड़क से सोशल मीडिया तक आवाज उठाने वालों की जीत’
अभिजीत दिपके ने कहा कि इस फैसले की जीत सिर्फ उन लोगों की नहीं है जो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे. सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और व्हाट्सऐप के जरिए आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों ने भी इसमें भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि चाहे किसी व्यक्ति ने सड़क पर उतरकर आवाज उठाई हो या सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी हो, हर आवाज मायने रखती है. उनके मुताबिक, लोगों की एकजुटता और लगातार उठाई गई आवाज के कारण ही यह परिणाम संभव हुआ.
दिल्ली से महाराष्ट्र तक हुईं बैठकें
दिपके ने बताया कि छात्रों की मांगों को लेकर दिल्ली से एक प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र गया था. वहां कई बैठकें की गईं, जिनका उद्देश्य छात्रों की मांगों पर समाधान तलाशना और एक और बड़े प्रदर्शन की स्थिति को टालना था. उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में उन्होंने अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों के साथ लगातार बैठकें कीं. दिल्ली से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ भी सात-आठ बैठकें हुईं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करना था.
‘धमकियों और लाठीचार्ज के बावजूद नहीं झुके लोग’
CJP नेता ने कहा कि यह फैसला उन भारतीयों की भी जीत है, जिन्होंने कथित धमकियों और लाठीचार्ज के बावजूद अपनी आवाज उठाना बंद नहीं किया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने डरकर पीछे हटने के बजाय छात्रों के अधिकार और न्याय की मांग को लगातार उठाया.
NEET छात्रों के परिवारों से मांगी माफी
दिपके ने NEET छात्रों की मौत पर उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए माफी भी मांगी. उन्होंने कहा कि इन परिवारों का नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने डॉक्टर बनने के सपने के लिए कड़ी मेहनत और पूरी लगन से पढ़ाई की थी. दिपके ने कहा कि उन्होंने कई परिवारों से मुलाकात की है, जिनमें आकांक्षा, कहान पटेल, प्रदीप मेघवाल और रिया थापा के पिता भी शामिल हैं. इस दौरान ये भी कहा कि इन बच्चों की कोई गलती नहीं थी और उनके साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था. दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार की कथित विफलता की कीमत इन छात्रों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.
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5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन किया गया रद्द
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना प्रदर्शन रद्द कर दिया है. बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 20 से 25 जुलाई के बीच NEET 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में हुए प्रदर्शनों के संबंध में दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए चरण में पहुंच गया है.


