Gurgaon Metro News: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत यात्रियों को बेहतर और आसान कनेक्टिविटी देने की तैयारी शुरू हो गई है. प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के तीन प्रमुख स्टेशन सेक्टर-45, सेक्टर-39 स्थित यूनिटैक साइबर पार्क और सेक्टर-72ए को मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. इन स्टेशनों पर मेट्रो के साथ सिटी बस, ऑटो और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बस बे और पिक-एंड-ड्रॉप प्वाइंट विकसित किए जाएंगे. वहीं, पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ को बेहतर बनाने और आसपास के बड़े आईटी व व्यावसायिक परिसरों को स्काईवॉक से जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इस संबंध में सोमवार को जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने तीनों स्टेशनों को मल्टीमॉडल बनाने को लेकर प्रस्तुति दी.
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सेक्टर-45 मेट्रो स्टेशन पर बस, ऑटो और टैक्सी की सुविधा
बैठक में सबसे पहले सेक्टर-45 स्थित प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन की योजना पर चर्चा की गई. यहां यात्रियों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने और मेट्रो से उतरने के बाद आगे की यात्रा आसान बनाने के लिए सिटी बसों के लिए अलग बस बे विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा ऑटो और टैक्सी के लिए पिक-एंड-ड्रॉप प्वाइंट बनाए जाएंगे. आसपास के क्षेत्रों में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ को भी बेहतर बनाया जाएगा. योजना को लागू करने के लिए इलाके में मौजूद पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन, बरसाती नालों और बिजली की तारों समेत अन्य यूटिलिटी सेवाओं को जरूरत के अनुसार स्थानांतरित करना पड़ सकता है.
यूनिटैक साइबर पार्क को स्काईवॉक से जोड़ने का प्रस्ताव
सेक्टर-39 स्थित यूनिटैक साइबर पार्क के पास प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को भी मल्टीमॉडल हब के रूप में विकसित करने की योजना है. बैठक में गुरुग्राम नगर निगम के वरिष्ठ नगर योजनाकार राजेश कौशिक ने सुझाव दिया कि मेट्रो स्टेशन को स्काईवॉक के जरिए यूनिटैक साइबर पार्क से जोड़ा जा सकता है. साइबर पार्क में हजारों कर्मचारी काम करते हैं. ऐसे में स्काईवॉक बनने से कर्मचारियों को सड़क पर आए बिना सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने की सुविधा मिल सकती है. इससे सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ कम होने की उम्मीद है.
सेक्टर-72ए से इंडस्ट्रियल कॉलोनियों को जोड़ने की तैयारी
सेक्टर-72ए के प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन को भी मल्टीमॉडल बनाने पर चर्चा की गई. स्टेशन के आसपास सेक्टर-33 और सेक्टर-34 में गुड़गांव टेक्नोलॉजी पार्क लिमिटेड (जीटीपीएल) की औद्योगिक कॉलोनियां स्थित हैं. सेक्टर-34 की औद्योगिक कॉलोनी में गुरुग्राम नगर निगम, एचएसवीपी और सीबीएसई समेत कई सरकारी और अन्य कार्यालय मौजूद हैं. बैठक में चर्चा हुई कि यदि इन औद्योगिक कॉलोनियों को मेट्रो स्टेशन से बेहतर तरीके से जोड़ दिया जाए तो हजारों कर्मचारियों को सड़क पर उतरकर स्टेशन तक जाने की जरूरत कम होगी. इससे कार्यालय पहुंचने में आसानी होगी और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव भी कम किया जा सकेगा.
IT और व्यावसायिक इमारतों को भी जोड़ने की योजना
गुरुग्राम नगर निगम के वरिष्ठ नगर योजनाकार राजेश कौशिक ने बैठक में सुझाव दिया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास मौजूद व्यावसायिक और आईटी इमारतों को भी स्काईवॉक से जोड़ा जाए. इस व्यवस्था के तहत संबंधित इमारतों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने का रास्ता बनाया जा सकता है. इससे कर्मचारी सड़क पर आए बिना कार्यालय परिसर से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकेंगे. इसके साथ ही आसपास के सेक्टरों की ओर भी मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकासी द्वार विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया गया.
अधिकारियों से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
बैठक में फैसला लिया गया कि जीएमआरएल की ओर से तैयार की गई प्रस्तुति को एचएसवीपी, जीएमडीए, जीएमसीबीएल, गुरुग्राम नगर निगम और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग समेत संबंधित एजेंसियों को भेजा जाएगा. संबंधित विभागों से योजना पर सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी. इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर तीनों मल्टीमॉडल मेट्रो स्टेशनों की अंतिम योजना तैयार की जाएगी.
29 किलोमीटर लंबे ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर में बनेंगे कई स्टेशन
करीब 29 किलोमीटर लंबे ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर का पहला स्टेशन मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के सामने प्रस्तावित है. इस स्टेशन का नाम भी मिलेनियम सिटी सेंटर रखा जाएगा. इसके बाद कॉरिडोर पर सेक्टर-45, यूनिटैक साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-छह, सेक्टर-10, सेक्टर-37, गांव बसई, सेक्टर-101, सेक्टर-9, सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-चार, उद्योग विहार फेज-पांच और डीएलएफ साइबर सिटी में स्टेशन प्रस्तावित हैं.
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और स्काईवॉक की योजना को शामिल किए जाने से यात्रियों को मेट्रो के साथ बस, ऑटो और टैक्सी जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी. खासतौर पर आईटी कंपनियों, साइबर पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए यह परियोजना आवागमन को काफी आसान बना सकती है.


