नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अब लंबी दूरी के रात के सफर को भी तेज और आधुनिक बनाने की तैयारी में है. दिन के सफर के लिए लोकप्रिय हो चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस का स्लीपर वर्जन अब लंबी दूरी के यात्रियों को नई सुविधा देने वाला है. रेलवे की योजना के तहत देश में कुल 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार किए जाने हैं. इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि रूट और ट्रैक की क्षमता के अनुसार इनका संचालन करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से किया जा सकता है. वंदे भारत स्लीपर में राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में कई आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. इनमें एयरक्राफ्ट-स्टाइल टॉयलेट, बेहतर बर्थ, शॉवर और गर्म पानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं. सुरक्षा के लिए ट्रेन में स्वदेशी कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम भी लगाया जा रहा है.
260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का बड़ा प्लान
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का निर्माण अलग-अलग कंपनियों के जरिए किया जाना है. प्रस्तावित उत्पादन योजना के मुताबिक BEML 10 ट्रेनसेट, ICF चेन्नई 50 ट्रेनसेट, Kinet Railway Solutions 120 ट्रेनसेट, Titagarh-BHEL JV 80 ट्रेनसेट इस तरह कुल 260 ट्रेनसेट तैयार करने की योजना है. उत्पादन बढ़ने के साथ आने वाले वर्षों में इन्हें देश के प्रमुख लंबी दूरी और हाई-डिमांड रूटों पर चरणबद्ध तरीके से उतारा जा सकता है.
180 kmph की डिजाइन स्पीड, सफर होगा तेज
वंदे भारत स्लीपर की डिजाइन स्पीड 180 kmph रखी गई है. हालांकि ट्रेन की वास्तविक परिचालन गति संबंधित रूट के ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी. पारंपरिक ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत ट्रेनसेट में अलग से लोकोमोटिव लगाने की जरूरत नहीं होती. ट्रेन में पावर का वितरण पूरे ट्रेनसेट में किया जाता है. इससे तेज एक्सीलरेशन और बेहतर ब्रेकिंग संभव होती है, जिससे स्टॉपेज और यात्रा समय को कम करने में मदद मिल सकती है.
शॉवर से लेकर एयरक्राफ्ट-स्टाइल टॉयलेट तक
वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक फीचर्स दिए जा रहे हैं. इनमें एयरक्राफ्ट-स्टाइल बायो-वैक्यूम टॉयलेट, आरामदायक और गद्देदार बर्थ, अपर बर्थ तक पहुंचने के लिए बेहतर डिजाइन वाली सीढ़ियां, नाइट लाइटिंग, पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले, इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV निगरानी, रीडिंग लाइट, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए चार्जिंग पॉइंट शामिल हैं.
AC फर्स्ट क्लास में शॉवर की सुविधा
ट्रेन के AC First Class कोच में यात्रियों को शॉवर और गर्म पानी की सुविधा भी दी जा रही है. वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए टॉयलेट और सुगम प्रवेश की व्यवस्था का प्रावधान है.
सुरक्षा के लिए कवच सिस्टम
वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत में विकसित कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है. इसका उद्देश्य ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाना और निर्धारित परिस्थितियों में टक्कर के जोखिम को कम करने में मदद करना है.
पहली स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू
वंदे भारत स्लीपर का पहला संस्करण गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर सेवा में आ चुका है. इसके बाद दूसरी स्लीपर ट्रेनसेट का ट्रायल भी किया जा रहा है. कुछ रिपोर्टों में बेंगलुरु-मुंबई रूट को संभावित रूट बताया गया है, हालांकि किसी नए रूट की अंतिम शुरुआत रेलवे की आधिकारिक मंजूरी और परिचालन तैयारियों पर निर्भर करेगी.
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राजधानी रूटों पर बढ़ेगी पहुंच
रेलवे की योजना के मुताबिक उत्पादन बढ़ने के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को देश के प्रमुख लंबी दूरी के रूटों पर चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जा सकता है. हालांकि किसी खास रूट पर ट्रेन कब चलेगी, यह प्रोटोटाइप, ट्रायल, सर्टिफिकेशन और संबंधित रेल मार्ग की तैयारी पूरी होने के बाद तय होगा. अगर यह योजना निर्धारित गति से आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में रात के लंबे रेल सफर का अनुभव बदल सकता है. तेज रफ्तार, आधुनिक कोच और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ वंदे भारत स्लीपर भारतीय रेलवे के प्रीमियम लंबी दूरी के सफर का नया विकल्प बन सकती है.


