दुकान से कोई पैक्ड सामान खरीदते समय अगर दुकानदार पैकेट पर लिखे MRP से ज्यादा पैसे मांगता है, तो ग्राहक के मन में तुरंत सवाल आता है कि इसकी शिकायत कहां की जाए. खासकर पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड फूड, कॉस्मेटिक्स और दूसरे पैकेज्ड प्रोडक्ट खरीदते समय MRP जरूर देखना चाहिए.
उपभोक्ता मामलों के विभाग के Consumer Handbook के मुताबिक MRP यानी Maximum Retail Price टैक्स सहित अधिकतम खुदरा कीमत होती है और पैकेज्ड कमोडिटी को MRP से ज्यादा कीमत पर बेचने की अनुमति नहीं है.
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हालांकि, रेस्टोरेंट या होटल में मामला थोड़ा अलग हो सकता है. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपने सामान कहां और किस स्थिति में खरीदा है.
दुकान ने MRP से ज्यादा लिया तो क्या करें?
अगर किसी सामान्य दुकान, स्टोर या रिटेल आउटलेट ने किसी पैक्ड कमोडिटी के पैकेट पर लिखे MRP से ज्यादा कीमत वसूली है, तो ग्राहक इसका विरोध कर सकता है.
उदाहरण के लिए किसी पैक्ड बोतल पर MRP 20 रुपये लिखा है और दुकानदार उसी पैक्ड बोतल के लिए 25 रुपये मांगता है, तो ग्राहक बिल में दर्ज रकम और पैकेट पर लिखे MRP को देखकर शिकायत कर सकता है.
सबसे पहले दुकानदार से बिल मांगें और MRP से ज्यादा रकम लेने का कारण पूछें. अगर वह पैसा वापस करने से मना करता है, तो पैकेट, बिल और भुगतान का सबूत संभालकर रखें.
बिल लेना क्यों जरूरी है?
शिकायत करते समय बिल या Invoice सबसे महत्वपूर्ण सबूतों में से एक हो सकता है. इसलिए छोटी खरीदारी में भी बिल लेने की आदत डालें.
अगर बिल नहीं दिया गया है, तो डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड, दुकान का नाम, तारीख और खरीदे गए सामान की फोटो भी सुरक्षित रखें. पैकेट की ऐसी फोटो लें जिसमें Product Name और MRP साफ दिखाई दे.
National Consumer Helpline पर शिकायत करें
MRP से ज्यादा पैसे लेने जैसी शिकायत के लिए National Consumer Helpline यानी NCH का इस्तेमाल किया जा सकता है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार NCH Legal Metrology से जुड़ी शिकायतों में MRP से ज्यादा कीमत वसूलने जैसे मामले भी लेता है.
शिकायत करते समय दुकान या कंपनी का नाम, खरीदारी की तारीख, सामान की जानकारी, MRP, वसूली गई रकम और उपलब्ध बिल या भुगतान का विवरण देना उपयोगी रहेगा.
NCH का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायत को संबंधित कंपनी या संस्था तक पहुंचाकर समाधान की कोशिश करना है.
Legal Metrology Department में भी शिकायत कर सकते हैं
अगर मामला पैकेज्ड कमोडिटी के MRP से जुड़ा है, तो राज्य के Legal Metrology Department के पास भी शिकायत की जा सकती है. Legal Metrology से जुड़े नियमों और शिकायत व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र और राज्यों के संबंधित विभागों के पास होती है.
शिकायत के साथ पैकेट पर लिखे MRP और दुकानदार द्वारा लिए गए ज्यादा पैसे का सबूत देना शिकायत को मजबूत कर सकता है.
Restaurant में MRP से ज्यादा कीमत का मामला थोड़ा अलग है
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है. दुकान से पैक्ड सामान खरीदने और रेस्टोरेंट या होटल में किसी सामान की बिक्री का कानूनी संदर्भ हमेशा एक जैसा नहीं होता.
दिल्ली हाई कोर्ट के 2025 के फैसले में कहा गया कि होटल और रेस्टोरेंट में Mineral Water जैसे सामान को MRP से ऊपर कीमत पर बेचने पर Legal Metrology Act के प्रावधानों की लागू होने की स्थिति सामान्य Retail Sale से अलग हो सकती है. कोर्ट ने होटल-रेस्टोरेंट में पानी की बिक्री के संदर्भ में MRP से अधिक कीमत वाले विवाद पर इसी अंतर को माना.
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हर रेस्टोरेंट में हर पैक्ड सामान MRP से ऊपर बेचने पर अपने आप Legal Metrology का उल्लंघन हो जाता है. रेस्टोरेंट में उस सामान की बिक्री की परिस्थितियां और लागू नियम देखना जरूरी है.
Restaurant ने Service Charge लगाया तो क्या करें?
MRP विवाद को Service Charge से अलग समझना चाहिए. रेस्टोरेंट में खाने के बिल पर Service Charge लगाना एक अलग उपभोक्ता विवाद है. उपभोक्ता मामलों के विभाग ने होटल और रेस्टोरेंट में Service Charge लगाने से संबंधित दिशानिर्देश भी जारी किए हैं.
इसलिए अगर समस्या MRP की बजाय Service Charge की है, तो शिकायत में इसे स्पष्ट रूप से अलग मुद्दे के तौर पर दर्ज करें.
दुकानदार पैसे वापस न करे तो क्या करें?
अगर दुकानदार शिकायत के बाद भी अतिरिक्त रकम वापस नहीं करता, तो ग्राहक पहले लिखित शिकायत कर सकता है. इसके बाद National Consumer Helpline पर शिकायत दर्ज करना एक विकल्प है.
अगर विवाद का समाधान नहीं होता, तो परिस्थितियों के अनुसार Consumer Commission का रास्ता भी अपनाया जा सकता है. शिकायत के लिए बिल, पैकेज की फोटो, भुगतान का रिकॉर्ड, दुकानदार से हुई बातचीत और शिकायत नंबर जैसे सभी दस्तावेज संभालकर रखें.
शिकायत करते समय ये सबूत रखें
शिकायत करने से पहले इन चीजों को सुरक्षित रखना बेहतर है-
- सामान का मूल पैकेट और MRP की साफ फोटो.
- खरीदारी का बिल या Invoice.
- UPI, कार्ड या अन्य भुगतान का रिकॉर्ड.
- दुकान या रेस्टोरेंट का नाम और पता.
- खरीदारी की तारीख और समय.
- दुकानदार या रेस्टोरेंट से हुई लिखित बातचीत.
- पहले की गई शिकायत का नंबर, अगर उपलब्ध हो.
- ग्राहक को क्या नहीं करना चाहिए?
MRP से ज्यादा पैसे लेने पर दुकानदार से बहस या झगड़ा करने के बजाय पहले बिल मांगें और सबूत सुरक्षित करें. किसी व्यक्ति या कर्मचारी की निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें.
अगर समस्या गंभीर है, तो आधिकारिक शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल करें. इससे शिकायत का रिकॉर्ड भी बनता है और मामले को सही विभाग तक पहुंचाने में मदद मिलती है.
अगर किसी सामान्य दुकान ने पैकेज्ड सामान पर लिखे MRP से ज्यादा कीमत ली है, तो ग्राहक इसका विरोध कर सकता है और National Consumer Helpline या संबंधित Legal Metrology व्यवस्था में शिकायत कर सकता है. MRP, बिल और भुगतान का सबूत संभालकर रखना सबसे जरूरी है.
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वहीं रेस्टोरेंट और होटल में पैक्ड सामान की कीमत का मामला हर स्थिति में सामान्य दुकान जैसा नहीं माना जा सकता. खासकर पानी जैसे उत्पादों को लेकर अदालतों में अलग कानूनी स्थिति सामने आई है. इसलिए रेस्टोरेंट के मामले में शिकायत से पहले यह देखना जरूरी है कि अतिरिक्त रकम MRP, Service Charge या किसी अन्य शुल्क के रूप में ली गई है.


