मध्य प्रदेश के उज्जैन से गुजरात के अहमदाबाद तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली Ujjain-Garoth Four Lane Corridor परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. यह कॉरिडोर उज्जैन को Delhi-Mumbai Expressway से जोड़ने का काम करेगा. परियोजना पूरी होने के बाद उज्जैन से अहमदाबाद का सफर मौजूदा करीब 9 से 10 घंटे के मुकाबले घटकर लगभग 5.5 से 6 घंटे होने का अनुमान है.
यह सड़क परियोजना Ujjain Simhastha 2028 को देखते हुए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे गुजरात और पश्चिमी भारत से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
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Delhi-Mumbai Expressway से जुड़ेगा Ujjain
Ujjain-Garoth Four Lane Corridor को National Highway NH-752D के तहत विकसित किया जा रहा है. यह कॉरिडोर Garoth के पास Delhi-Mumbai Expressway से जुड़ेगा.
इस connectivity के बाद Ujjain का संपर्क देश के बड़े शहरों और प्रमुख industrial regions से बेहतर होने की संभावना है. फिलहाल Ujjain से Ahmedabad जाने वाले यात्रियों को Jharkhand और Dahod होकर पुराने route का इस्तेमाल करना पड़ता है. इसमें करीब 420 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है और road conditions, single-lane sections तथा शहरों के traffic के कारण यात्रा में 9 से 10 घंटे तक लग सकते हैं.
नई connectivity मिलने के बाद यात्री Delhi-Mumbai Expressway का इस्तेमाल कर सकेंगे. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस expressway पर वाहनों की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. इससे Ujjain-Ahmedabad यात्रा में करीब 3 से 4 घंटे तक की बचत होने का अनुमान है.
Indore, Dewas और Malwa क्षेत्र को भी फायदा
Ujjain-Garoth Highway का लाभ केवल Ujjain और Ahmedabad के बीच सफर करने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. Indore और Dewas की ओर से आने वाला traffic Ujjain Ring Road के जरिए इस corridor से जुड़ सकेगा.
इसके अलावा Ratlam, Mandsaur और Malwa क्षेत्र के दूसरे शहरों के लोगों को भी Gujarat के Ahmedabad और Vadodara तक पहुंचने में बेहतर connectivity मिलने की उम्मीद है.
इससे regional travel के साथ व्यापार, tourism, धार्मिक यात्राओं और freight movement को भी फायदा मिलने की संभावना है.
किन इलाकों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर?
Ujjain-Garoth corridor के route में मध्य प्रदेश के कई प्रमुख शहर और कस्बे शामिल हैं. इनमें Ujjain, Mahidpur, Ghatiya, Badod, Alot, Suwasara, Shamgarh और Garoth प्रमुख हैं.
इस corridor से इन क्षेत्रों को चार लेन की बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ बड़े expressway network से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
Simhastha 2028 से पहले परियोजना का महत्व
Ujjain में 2028 में Simhastha का आयोजन होना है. इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद रहती है.
ऐसे में Gujarat और पश्चिमी भारत से Ujjain आने वाले यात्रियों के लिए Ujjain-Garoth corridor महत्वपूर्ण connectivity route बन सकता है. Garoth के पास Delhi-Mumbai Expressway से connection मिलने के बाद Ujjain तक पहुंचने के लिए एक तेज road link उपलब्ध होगा.
इससे धार्मिक tourism के साथ क्षेत्रीय economic activities और transport movement को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
136.1 KM परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार Ujjain-Garoth section की कुल लंबाई करीब 136.1 किलोमीटर है. लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस corridor का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया गया है.
परियोजना का निर्माण National Highways Authority of India यानी NHAI की निगरानी में किया जा रहा है. निर्माण एजेंसी के तौर पर GHV की कंपनी काम कर रही है.
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काम पूरा होने के बाद Ujjain और मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र की Gujarat की ओर सड़क connectivity मजबूत होने की उम्मीद है. इससे Ahmedabad और Vadodara की तरफ जाने वाले यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों के लिए भी नया और तेज route उपलब्ध हो सकता है.
हालांकि यात्रा समय में वास्तविक कमी corridor के पूरी तरह operational होने, traffic conditions और यात्रियों के entry-exit points पर निर्भर करेगी.


