Lucknow News: उत्तर प्रदेश में शहरी विस्तार को गति देने के लिए लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली में नए शहर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी दी गई है. विकास प्राधिकरणों को भूमि अधिग्रहण और नए शहरों के विकास की जिम्मेदारी दी जाएगी.
यह भी पढ़ें- अलीगढ़ को बड़ी सौगात! 9.53 हेक्टेयर में बनेगी सांई ग्लोबल यूनिवर्सिटी, यूपी कैबिनेट ने दी मंजूरी
तीन शहरों के लिए पहली किस्त में 380 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरण को शुरुआती तौर पर 380 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है. तीनों प्राधिकरणों के लिए कुल 655.7 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. सरकार के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल जमीन की व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण और प्रस्तावित नए शहरों के शुरुआती विकास कार्यों में किया जाएगा.
20 साल तक मिल सकता है फंड
नई सिटी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक हिस्सा सरकार शुरुआती पूंजी के तौर पर उपलब्ध करा सकती है. यह फंड 20 साल तक की अवधि के लिए दिए जाने का प्रावधान है.
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित विकास प्राधिकरण प्रस्तावित क्षेत्रों में जमीन की पहचान और सर्वे का काम आगे बढ़ा सकते हैं.
लखनऊ में कहां विकसित होगा नया शहर?
लखनऊ में पहले से ही कई बड़े शहरी विस्तार प्रोजेक्ट चल रहे हैं. मोहान रोड क्षेत्र में अनंत नगर टाउनशिप और प्रबंध नगर जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं. मोहान रोड योजना करीब 764 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है. यह क्षेत्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के बीच स्थित है. इसके अलावा आईआईएम रोड और सुल्तानपुर रोड के आसपास भी आईटी और अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़े विकास की योजनाएं चल रही हैं.
उन्नाव में शुक्लागंज-नवाबगंज के आसपास हाईटेक सिटी
उन्नाव में प्रस्तावित नया शहर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और सदर तहसील कॉरिडोर के आसपास विकसित करने की तैयारी है. शुक्लागंज और नवाबगंज के आसपास का क्षेत्र इस विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और आसपास के औद्योगिक कॉरिडोर की वजह से यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की योजना है.
रायबरेली में हाईवे और रिंग रोड के आसपास विस्तार
रायबरेली में नया शहरी क्षेत्र लखनऊ-रायबरेली हाईवे (NH-30) और रिंग रोड बेल्ट के आसपास विकसित करने की तैयारी है. लखनऊ-रायबरेली फोरलेन हाईवे के दोनों ओर पहले से ही शहरी सीमा का विस्तार हो रहा है. इसके साथ ही बछरावां इंडस्ट्रियल सिटी की योजना भी क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देने वाली परियोजनाओं में शामिल है.
यह भी पढ़ें- लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी को मिलेगा नया जीवन, 2912 करोड़ से पूरी होगी हाईटेक टाउनशिप
लखनऊ के आसपास क्यों बसाए जा रहे नए शहर?
लखनऊ में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के दबाव को आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थित तरीके से बांटने के लिए नए शहरों की योजना बनाई जा रही है. सरकार का फोकस केवल आवासीय कॉलोनियां बनाने पर नहीं, बल्कि सड़क, परिवहन, रोजगार, औद्योगिक गतिविधियों और दूसरी शहरी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने पर है. यह योजना उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP-SCR) के व्यापक शहरी विकास से भी जुड़ी है. लखनऊ और आसपास के जिलों में मेट्रो, नमो भारत रैपिड रेल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ नए शहरी क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है.


