Kanpur-Kabrai highway: बुंदेलखंड की राह आसान बनाने वाले कानपुर-कबरई हाईवे के निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ गया है. हाईवे के लिए कानपुर नगर की दो तहसीलों के 25 गांवों की करीब 125 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. इसके लिए लगभग 125 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है. भूमि अध्याप्ति विभाग ने मुआवजे से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. इस प्रक्रिया के आगे बढ़ने से प्रभावित किसानों को जमीन के बदले मुआवजा मिलने का रास्ता साफ होगा.
राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के कानपुर-कबरई सेक्शन को चार और छह लेन के एक्सेस कंट्रोल हाईवे के रूप में विकसित करने की योजना है. करीब 7,145.14 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य कानपुर से बुंदेलखंड तक आवागमन को तेज और सुविधाजनक बनाना है.
सदर के 16 और घाटमपुर के 9 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
कानपुर नगर में पहले चरण के तहत 25 गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है. इनमें सदर तहसील के 16 और घाटमपुर तहसील के नौ गांव शामिल हैं. संबंधित भूमि का मूल्यांकन कर मुआवजे का अवार्ड जारी किया गया है. भूमि अध्याप्ति विभाग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को रिपोर्ट भेजकर मुआवजे के लिए धनराशि मांगी है. रिपोर्ट में सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा देने की मांग की गई है. विभाग के मुताबिक, इन गांवों में अधिग्रहण की कार्रवाई नवंबर के अंत तक शुरू होने की संभावना है.
परियोजना के लिए कानपुर नगर, हमीरपुर और महोबा के कुल 93 गांवों की लगभग 1,139 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है. इसमें कानपुर नगर के 49 गांवों की 387 हेक्टेयर, हमीरपुर के 35 गांवों की 500 हेक्टेयर और महोबा के नौ गांवों की 252 हेक्टेयर भूमि शामिल है.
इन गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे
पहले चरण में शामिल गांवों में हरबंसपुर, सरगांव, चकारम, सिरोमनपुर, कठारा, जमरेही, शिवरामपुर, जहानपुर, विधनू, संचितपुर, सुक्खापुर, जैतीपुर, मढ़ा, बीबीपुर, रामपुर, ककरहिया, मुईया, छापा और हकीमपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं. इन गांवों के किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दिया जाएगा. शेष गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी.
साढ़े तीन घंटे का सफर डेढ़ घंटे में होगा पूरा
कानपुर से हमीरपुर और महोबा की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-34 बुंदेलखंड के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है. नया हाईवे बनने से यात्रा अधिक तेज और सुगम होने की उम्मीद है. प्रस्तावित हाईवे कानपुर के रमईपुर में रिंग रोड के पास मगरासा से शुरू होकर कबरई के बधवा गांव तक बनाया जाएगा. आगे यह बांदा-सागर हाईवे और भोपाल-मुंबई कॉरिडोर के जरिए मध्य प्रदेश के छतरपुर से जुड़ेगा.
करीब 117.70 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज और दोनों ओर कुल 12 किलोमीटर सर्विस रोड बनाने का प्रस्ताव है. परियोजना पूरी होने के बाद कानपुर से कबरई तक की यात्रा में लगने वाला समय मौजूदा साढ़े तीन घंटे से घटकर लगभग डेढ़ घंटे रह जाने का अनुमान है. इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और क्षेत्रीय कारोबार को भी फायदा मिल सकता है.
किसानों के मुआवजे पर क्या बोले अधिकारी?
एडीएम, भूमि अध्याप्ति विभाग आनंद मोहन उपाध्याय के मुताबिक, सदर और घाटमपुर तहसील के 25 गांवों में 125 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए मुआवजे का अवार्ड जारी कर दिया गया है. निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. मुआवजा वितरण के लिए NHAI को रिपोर्ट भेजकर धनराशि मांगी गई है. फिलहाल, परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. मुआवजे का भुगतान और निर्माण से जुड़े अगले चरण पूरे होने के बाद कानपुर-कबरई हाईवे के विकास कार्य को गति मिलने की उम्मीद है.


