Kanpur Defence Corridor: उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. कानपुर नोड के दूसरे चरण के लिए तीन गांवों में 113.57 हेक्टेयर निजी जमीन खरीदने का रास्ता साफ हो गया है. शासन ने भूमि खरीद और उस पर मौजूद परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए करीब 394.39 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है. इस फैसले से परियोजना के अगले चरण को गति मिलने और क्षेत्र में रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद है.
तहसील नरवल क्षेत्र के महाराजपुर, फुफवार सुईथोक और हाथीपुर गांवों में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जाएगी. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, भूमि खरीद की प्रक्रिया शासनादेश में निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी.
महाराजपुर में सबसे ज्यादा जमीन की खरीद
डिफेंस कॉरिडोर के दूसरे चरण के लिए तीनों गांवों में अलग-अलग मात्रा में जमीन खरीदी जाएगी.
महाराजपुर: 65.0940 हेक्टेयर
फुफवार सुईथोक: 36.6812 हेक्टेयर
हाथीपुर: 11.8000 हेक्टेयर
इस तरह कुल 113.5752 हेक्टेयर निजी भूमि परियोजना के लिए ली जाएगी. भूमि की दर और कुल मूल्य को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने 14 जुलाई को हुई बैठक में संस्तुति की थी.
किसानों को कैसे मिलेगा मुआवजा?
जमीन का मूल्यांकन डीएम सर्किल रेट की चार गुनी दर के आधार पर किया गया है. कुल भूमि का मूल्य 392 करोड़ 5 लाख 44 हजार 480 रुपये आंका गया है. वहीं, जमीन पर मौजूद परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए 2 करोड़ 34 लाख 29 हजार 454 रुपये निर्धारित किए गए हैं.
महाराजपुर: 249 करोड़ 99 लाख 68 हजार 938 रुपये
फुफवार सुईथोक: 102 करोड़ 31 लाख 85 हजार 576 रुपये
हाथीपुर: 42 करोड़ 8 लाख 19 हजार 420 रुपये
इस तरह भूमि और परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए कुल 394 करोड़ 39 लाख 73 हजार 934 रुपये का बजट जारी किया गया है.
स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन शुल्क के लिए भी अलग बजट
जमीन की खरीद के साथ स्टाम्प और निबंधन शुल्क का भुगतान भी किया जाएगा. इसके लिए सात प्रतिशत स्टाम्प शुल्क के रूप में 27 करोड़ 60 लाख 78 हजार 175 रुपये और एक प्रतिशत निबंधन शुल्क के रूप में 3 करोड़ 94 लाख 39 हजार 739 रुपये अलग से दिए जाएंगे. यह राशि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी.
अदाणी समूह ने शुरू की यूनिट, दूसरी कंपनियां भी कर रहीं निर्माण
कानपुर के साढ़ क्षेत्र में वर्ष 2023 से डिफेंस कॉरिडोर के विकास का काम आगे बढ़ रहा है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वहां अब तक 206 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जा चुकी है. इसमें से 200 हेक्टेयर जमीन पर अदाणी समूह ने अपनी पहली यूनिट शुरू कर दी है. वहीं, एमकेयू और डेल्टाकार्प अपनी इकाइयों का निर्माण करा रही हैं. दूसरे चरण के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध होने से रक्षा क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी. इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है.
जल्द पूरी होगी जमीन खरीद की प्रक्रिया
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कानपुर डिफेंस कॉरिडोर के दूसरे चरण के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया को मंजूरी मिल गई है. किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेकर निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भूमि खरीद की कार्रवाई जल्द पूरी कराकर परियोजना के दूसरे चरण के विकास कार्यों को गति दी जाएगी. इस परियोजना के अगले चरण में जमीन की उपलब्धता बढ़ने से कानपुर डिफेंस कॉरिडोर में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत होने की उम्मीद है.


