उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान कोहरे से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा कम करने की तैयारी की गई है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार कम करने के साथ निगरानी भी बढ़ाई जाएगी.
यूपीडा ने संबंधित एजेंसियों को 31 अक्टूबर तक जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा है. प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गति सीमा का पालन कराने, आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने और सड़क सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.
यह भी पढ़ें- Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा से 3 राशियों के लिए शुभ समय की मान्यता, धन लाभ और करियर में तरक्की के संकेत
1 नवंबर से लागू होगी पहली गति सीमा
जारी निर्देशों के अनुसार, 1 नवंबर से 15 नवंबर तक हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग समय के आधार पर गति सीमा निर्धारित की गई है. दिन और रात में अधिकतम रफ्तार अलग रहेगी.
- दिन में: सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटा.
- रात में: रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा.
15 नवंबर से हल्के वाहनों की गति सीमा और कम कर दी जाएगी. इसके बाद दिन में अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.
मध्यम और भारी यात्री वाहनों की रफ्तार भी होगी कम
यूपीडा के निर्देशों के अनुसार, मध्यम और भारी यात्री वाहनों के लिए भी गति सीमा निर्धारित की गई है. पहली अवधि यानी 1 नवंबर से 15 नवंबर तक इन वाहनों की अधिकतम गति दिन में 80 और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी.
15 नवंबर से इनकी गति सीमा घटाकर दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी जाएगी. इसका उद्देश्य कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखना और सड़क पर सुरक्षा बढ़ाना है.
मालवाहक वाहनों के लिए क्या होगी नई स्पीड लिमिट?
मालवाहक वाहनों के लिए भी दो चरणों में गति सीमा तय की गई है. शुरुआती अवधि में इन वाहनों को दिन में अधिकतम 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी.
15 नवंबर से मालवाहक वाहनों की गति सीमा घटाकर दिन में 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी जाएगी.
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा
| वाहन श्रेणी | 1 से 14 नवंबर तक दिन में | 1 से 14 नवंबर तक रात में | 15 नवंबर से दिन में | 15 नवंबर से रात में |
|---|---|---|---|---|
| हल्के वाहन | 100 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा |
| मध्यम एवं भारी यात्री वाहन | 80 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा |
| मालवाहक वाहन | 60 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा | 40 किमी/घंटा |
50 मीटर से कम दृश्यता होने पर क्या होगा?
घने कोहरे में दृश्यता 50 मीटर से कम होने पर सुरक्षा दल पुलिस के समन्वय से वाहनों को नजदीकी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का मार्गदर्शन देंगे. इनमें टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, रेस्तरां या अन्य सुरक्षित स्थान शामिल हो सकते हैं.
जरूरत पड़ने पर वाहनों को समूह में आगे रवाना किया जाएगा. इससे कम दृश्यता के दौरान वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और दुर्घटनाओं का जोखिम घटाने में मदद मिल सकती है.
एंबुलेंस और गश्ती दल रहेंगे सक्रिय
यूपीडा ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत एंबुलेंस और गश्ती दल 24 घंटे सक्रिय रहेंगे, ताकि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में यात्रियों को मदद मिल सके.
ज्यादा कोहरा पड़ने पर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके साथ ही टोल प्लाजा पर उद्घोषणा, रेडियो के माध्यम से जागरूकता और एक्सप्रेसवे के प्रवेश तथा निकास बिंदुओं पर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जाएंगे.
इन एक्सप्रेसवे पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
यूपीडा के निर्देश प्रदेश के आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर लागू किए जाने हैं. संबंधित एजेंसियों को 31 अक्टूबर तक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है.
सर्दियों में कोहरे के कारण सड़क पर दृश्यता कम होने से वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. गति सीमा का पालन, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर रुकना यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. वाहन चालकों को यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे पर लगाए गए संकेतों और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए.
यह भी पढ़ें- NCERT AI Module: कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को AI की पढ़ाई, डीपफेक और डेटा प्राइवेसी पर मिलेगा 20 घंटे का प्रशिक्षण


