दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को शहरी परिवहन में नवाचार और स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया है. भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो में डीएमआरसी को ‘एक्सीलेंस इन इनोवेशन एंड स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस’ श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया.
इस बीच, दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के तहत डीएमआरसी ने सप्ताह के कार्यदिवसों में मेट्रो सेवाएं बढ़ाने का फैसला किया है. इसके तहत 22 अक्टूबर से सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे संचालित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद करना है.
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भुवनेश्वर में DMRC को मिला सम्मान
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ प्राप्त किया. इस अवसर पर ओडिशा के आवासन एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में शहरी विकास विभाग के सचिव सतेन्द्र सिंह और ओडिशा की शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाधी भी मौजूद रहे.
19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो में देश-विदेश के शहरी परिवहन विशेषज्ञों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया. दो दिवसीय सम्मेलन में सतत शहरी परिवहन, आधुनिक तकनीक और भविष्य की परिवहन जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.
डिजिटल टिकटिंग और AI से स्मार्ट हो रही मेट्रो
डीएमआरसी पिछले कुछ वर्षों से मेट्रो सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई पहल कर रहा है. इनमें डिजिटल टिकटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से मशीनों और उपकरणों में संभावित खराबियों का पहले से पता लगाने वाली प्रणाली और यात्रियों की शिकायतों तथा सवालों पर त्वरित प्रतिक्रिया जैसे प्रयास शामिल हैं.
इन पहलों का उद्देश्य मेट्रो सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना और यात्रियों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है. स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों के लिए मिला पुरस्कार शहरी परिवहन में नवाचार से जुड़े डीएमआरसी के प्रयासों को मान्यता देता है.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर दिन 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे
दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के लागू होने के बीच डीएमआरसी ने मेट्रो सेवाओं में बढ़ोतरी का फैसला किया है. इसके तहत 22 अक्टूबर से सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 20 अतिरिक्त ट्रेन फेरे संचालित किए जाएंगे.
डीएमआरसी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को निजी वाहनों के बजाय मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है. इससे सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव और उनसे होने वाले प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में मदद मिल सकती है.
यह पहल ऐसे समय में की गई है, जब राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपायों पर जोर दिया जा रहा है. सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाना इस दिशा में डीएमआरसी की ओर से उठाया गया कदम है.
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय होंगे तेज
मेट्रो सेवाओं में बढ़ोतरी के साथ डीएमआरसी अपने निर्माण स्थलों और आसपास के इलाकों में धूल नियंत्रण तथा सफाई से जुड़ी गतिविधियां भी तेज करेगा.
इन गतिविधियों के तहत निर्माण स्थलों पर धूल का स्तर कम करने, आसपास की सड़कों से धूल हटाने और फुटपाथों तथा सड़क के डिवाइडरों के पास जमा कचरे की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
निर्माण स्थलों पर तैनात इंजीनियरों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए जाएंगे. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण सामग्री को उचित तरीके से ढककर रखा जाए, ताकि उससे धूल फैलने का खतरा कम हो.
निर्माण वाहनों के व्हील-वॉश सिस्टम की भी जांच
डीएमआरसी निर्माण स्थलों से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए बनाए गए व्हील-वॉश सिस्टम की कार्यशीलता की भी जांच करेगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों के पहियों के साथ मिट्टी और धूल को सड़कों तक पहुंचने से रोकना है.
इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में सफाई और धूल हटाने के काम पर भी ध्यान दिया जाएगा. इन प्रयासों के जरिए डीएमआरसी निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल को नियंत्रित करने और राजधानी में प्रदूषण कम करने के प्रयासों में योगदान देना चाहता है.
डीएमआरसी की ये पहलें एक ओर स्मार्ट और तकनीक आधारित शहरी परिवहन को बढ़ावा देने से जुड़ी हैं, तो दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने तथा निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण को मजबूत करने पर केंद्रित हैं.
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