Amroha Railway Project: दिल्ली-यूपी रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी है. इस परियोजना के लिए अमरोहा जिले के 46 गांवों की 71.3922 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी. प्रशासन ने परियोजना से प्रभावित जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है. फिलहाल तहसीलों में जमीन के गाटा नंबरों का मिलान किया जा रहा है, ताकि अधिग्रहण से प्रभावित भूमि का सही विवरण तैयार किया जा सके.
अमरोहा तहसील के 27 गांवों की सबसे ज्यादा जमीन जाएगी
प्रस्तावित रेल परियोजना के तहत जिले की तीन तहसीलों के 46 गांवों की जमीन ली जाएगी. इसमें सबसे अधिक भूमि अमरोहा तहसील क्षेत्र की है.
- अमरोहा तहसील: 27 गांवों की 48.1182 हेक्टेयर जमीन.
- धनौरा तहसील: 14 गांवों की 12.487 हेक्टेयर जमीन.
- हसनपुर तहसील: 5 गांवों की 10.787 हेक्टेयर जमीन.
इस तरह कुल 71.3922 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के दायरे में आएगी. योजना के मुताबिक, रेलवे बोर्ड किसानों की सहमति के आधार पर जमीन खरीदेगा.
जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक
परियोजना के लिए चिह्नित जमीनों पर प्रशासन ने कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं. प्रभावित गाटों की खरीद-बिक्री के साथ धारा-80 से संबंधित प्रक्रिया और भूमि पर अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाई गई है.इसका उद्देश्य प्रस्तावित रेल लाइन के लिए चिह्नित जमीन पर नए विवाद और निर्माण संबंधी बाधाएं रोकना है. हालांकि, भूमि अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे की ओर से संशोधित प्रस्ताव मिलना अभी जरूरी है.
रेलवे से संशोधित प्रस्ताव का इंतजार
जिला प्रशासन ने रेलवे से संशोधित प्रस्ताव मांगा है. फिलहाल तीनों तहसीलों में जमीन के गाटा नंबरों का मिलान किया जा रहा है. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी.जिला विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह के मुताबिक, रेलवे से संशोधित प्रस्ताव मिलते ही भूमि अधिग्रहण के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. अभी तहसीलों में गाटा नंबरों का मिलान कराया जा रहा है.
इन 46 गांवों की जमीन होगी परियोजना में शामिल
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रभावित गांवों में काफूरपुर, नरैना कलां, भटपुरा माफी, जलीलपुर मुलकटा, महेशरा, शेखूपुर शुमाली, शाहपुर बुजुर्ग, भानपुर खालसा, अलीपुर भूड़ शुमाली, अफजलपुर गोसाईं, रुस्तमपुर खादर, मोहरका, चौबारा, शहबाजपुर डोर, कांकाठेर, ओसिता एहतमाली, जगदेपुर, पायंती कलां, सिरसा मोहन, नौरंगी, मुजफ्फरपुर पट्टी, सिरसा मनिहार, वाजिदपुर, चककालीलेट, कासिमपुर जट, लोदीपुर बंजारा, मोहड़ी जट, पृथ्वीपुर कलां, कैलसा, उमर मोहम्मदपुर, अदलपुर ताज, तेलीपुरा माफी, केशोपुर, उमरपुर, धनौरी अहीर, सलेमपुर हेमनगर, अमरोहा खास चुंगी, गुलड़िया, खालकपुर खादर, सदलपुर, गफ्फारपुर, धकतोड़ा और चांदनगर समेत गांव शामिल हैं.
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रेल यातायात का दबाव कम करने की है योजना
गाजियाबाद-मुरादाबाद, मुरादाबाद-रोजा और रोजा-सीतापुर के बीच कुल 402.78 किलोमीटर क्षेत्र में तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की योजना है. इसका उद्देश्य रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाना और ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर बनाना है. अमरोहा में जमीन के गाटा नंबरों का मिलान और संशोधित प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा. फिलहाल निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है.
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