Old Gurugram Metro: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत सेक्टर-10 में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन के निर्माण पर वन विभाग की जमीन को लेकर अड़चन आ गई है. वन विभाग गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) को जमीन देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले दोगुनी जमीन की मांग की गई है. ऐसे में जमीन का मामला सुलझने के बाद ही इस हिस्से में निर्माण का रास्ता साफ हो सकेगा.
एक हेक्टेयर वन भूमि की जरूरत
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण में वन क्षेत्र की जमीन की जरूरत को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राइट्स लिमिटेड को सर्वे और प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी. सर्वे में करीब एक हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता सामने आई. इस जमीन का इस्तेमाल मेट्रो मार्ग और सेक्टर-10 में प्रस्तावित स्टेशन के निर्माण के लिए होना है. इसके अलावा उमंग भारद्वाज चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड बनाने के लिए भी कुछ जमीन की जरूरत बताई गई है.
वन विभाग ने रखी दोगुनी जमीन की शर्त
राइट्स लिमिटेड ने सर्वे रिपोर्ट NHAI को सौंपी थी. बाद में हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना NHAI से गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को हस्तांतरित हो गई. इसके बाद NHAI ने रिपोर्ट GMDA और GMRL को भेज दी. रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग ने एक हेक्टेयर वन क्षेत्र की जमीन देने के बदले दो हेक्टेयर जमीन मांगी है. इस मांग के पूरा होने के बाद ही संबंधित वन भूमि उपलब्ध कराई जाएगी. अब इस शर्त को पूरा करने और जमीन की व्यवस्था करने को लेकर आगे की प्रक्रिया अहम होगी.
मेट्रो रूट पर अभी भी कई बाधाएं
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की प्रगति को लेकर हाल ही में GMDA के CEO पीसी मीणा ने बैठक की थी. बैठक में हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक मेट्रो निर्माण में कोई बड़ी बाधा नहीं होने की बात कही गई. साथ ही संबंधित विभागों को रास्ते में आ रही अड़चनें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए. हालांकि, परियोजना से जुड़ी कुछ समस्याएं अब भी बनी हुई हैं.
- बख्तावर चौक: अंडरपास का डिजाइन अभी अंतिम रूप नहीं ले सका है.
- सेक्टर-10: बिजलीघर को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना है.
- सेक्टर-9 और सेक्टर-10: फुट ओवरब्रिज (FOB) हटाने का काम बाकी है.
- सरस्वती एंक्लेव: एक मकान से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन है.
- वन भूमि: सेक्टर-10 स्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मामला दोगुनी भूमि की मांग के कारण अटका है.
14 महीने बीते, लेकिन स्टेशन भवनों का निर्माण शुरू नहीं
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में देरी भी चिंता का विषय है. GMRL ने पिछले साल अगस्त में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक मेट्रो निर्माण का टेंडर एक कंपनी को दिया था. कंपनी को करीब 15 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 14 मेट्रो स्टेशन तैयार करने हैं. परियोजना को 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, निर्धारित अवधि के 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी मेट्रो स्टेशन की इमारत का निर्माण शुरू नहीं हुआ है. ऐसे में वन भूमि की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य बाधाओं को दूर करना भी जरूरी होगा, ताकि परियोजना का निर्माण समय पर आगे बढ़ सके.
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