Meerut News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के तीसरे चरण की घोषणा कर दी गई है. इसके तहत तीन गांवों की कुल 237 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है. खास बात यह है कि इस जमीन को किसानों से आपसी सहमति के आधार पर सीधे खरीदा जाएगा. इस योजना से 1500 से अधिक किसान परिवार प्रभावित होंगे.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने शनिवार देर शाम तीसरे चरण के लिए जमीन का विवरण सार्वजनिक किया. जिलाधिकारी की ओर से जारी सूची में 421 खसरा संख्या और संबंधित जमीन मालिक किसानों के नाम शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश के नए अवसर तैयार करना है.
इन तीन गांवों की जमीन पर रहेगी नजर
तीसरे चरण के औद्योगिक गलियारे के लिए मेरठ के तीन गांवों की जमीन चिह्नित की गई है. इनमें अटौला, शाफियाबाद लौटी और अजराड़ा शामिल हैं. इन गांवों की कुल 237 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी.
गांववार जमीन का विवरण इस प्रकार है
- अटौला: 44.3240 हेक्टेयर जमीन, 75 खसरे.
- शाफियाबाद लौटी: 39.8390 हेक्टेयर जमीन, 65 खसरे.
- अजराड़ा: 153.3800 हेक्टेयर जमीन, 281 खसरे.
इन तीनों गांवों में कुल 421 खसरा संख्या की जमीन को चिह्नित किया गया है.
किसानों से सीधे होगी जमीन की खरीद, 10 दिन का समय
इस परियोजना की सबसे अहम बात यह है कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा. यूपीडा सीधे किसानों से जमीन खरीदेगा. इसके साथ ही जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने चिह्नित खसरा संख्या से जुड़े अन्य हितधारकों से भी 10 दिनों के भीतर अपने दावे डीएम कार्यालय में जमा कराने की अपील की है.
इससे जमीन की खरीद से पहले संबंधित दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जा सकेगा.
मेरठ में 2000 एकड़ तक पहुंचेगा औद्योगिक गलियारा
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजर रहा है और सभी जिलों में इसके आसपास औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं. मेरठ इस एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिंदु है. यहां औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है. देश-विदेश की बड़ी कंपनियों की दिलचस्पी को देखते हुए प्रदेश सरकार मेरठ में औद्योगिक गलियारे का विस्तार कर रही है. इससे पहले दो चरणों में जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. अब तीसरे चरण की घोषणा के बाद मेरठ में औद्योगिक गलियारे का कुल क्षेत्रफल करीब 2000 एकड़ पहुंचने की उम्मीद है. सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
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