Gujarat News: गुजरात में शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा काम हुआ है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने AMRUT 2.0 (अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) के तहत अब तक 4,832 करोड़ रुपये की लागत वाले 497 कार्य पूरे कर लिए हैं. इन परियोजनाओं से लाखों शहरी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल, सीवरेज और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का लाभ मिला है.
केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2021 को AMRUT 2.0 मिशन की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हर घर तक नल से पानी पहुंचाना, सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करना, जल निकायों का पुनर्जीवन और शहरों में हरित क्षेत्र विकसित करना है.
23.87 लाख लोगों को मिला पेयजल परियोजनाओं का लाभ
गुजरात में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 2,937 करोड़ रुपये की लागत से 224 परियोजनाएं पूरी की गई हैं. इनके जरिए 539 MLD अतिरिक्त जल शोधन क्षमता विकसित की गई है. साथ ही 1,366 लाख लीटर पानी की भंडारण क्षमता और 2,128 किलोमीटर लंबा जल वितरण पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया गया है. इन परियोजनाओं के तहत 2.72 लाख से अधिक नए घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे करीब 23.87 लाख नागरिकों को फायदा पहुंचा है.
31 शहरों में सीवरेज व्यवस्था को मिली मजबूती
राज्य के 31 AMRUT शहरों में सीवरेज सुविधाओं के विस्तार के लिए 1,500 करोड़ रुपये की लागत से 77 परियोजनाएं पूरी की गई हैं. इससे 162 MLD अतिरिक्त अपशिष्ट जल शोधन क्षमता विकसित हुई है. इसके अलावा 931 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क तैयार किया गया है और 1.03 लाख से अधिक नए घरेलू सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं. न परियोजनाओं से करीब 31.76 लाख नागरिकों को लाभ मिला है.
78 झीलों का कायाकल्प, 87 पार्क और गार्डन विकसित
AMRUT 2.0 के तहत गुजरात में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर भी जोर दिया गया है. राज्य में 301 करोड़ रुपये की लागत से झीलों के कायाकल्प से जुड़ी 97 परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जिनके माध्यम से 78 झीलों का नवीनीकरण किया गया है.
इसके अलावा 94 करोड़ रुपये की लागत से 99 कार्य पूरे किए गए हैं, जिनके तहत 87 पार्क और गार्डन विकसित किए गए हैं. इन प्रयासों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाना और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है.
महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर, 1.52 लाख से अधिक पौधे लगाए
शहरी विकास के साथ महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए ‘अमृत मित्र’ और ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ जैसी पहल भी चलाई जा रही हैं. ‘वीमेन फॉर ट्रीज’ अभियान में करीब 178 स्वयं सहायता समूह (SHG) भाग ले रहे हैं.इस पहल के तहत 6.04 करोड़ रुपये से अधिक के 165 कार्य शुरू किए गए हैं और अब तक 1.52 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं. इसके जरिए महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
गुजरात सरकार के मुताबिक, AMRUT 2.0 के तहत पेयजल, सीवरेज, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र के विकास से जुड़ी परियोजनाएं शहरी नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
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