Nuh News: हरियाणा के नूंह जिले में सोहना चौक पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. केंद्र सरकार ने यहां 2.75 किलोमीटर लंबे और 6-लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 340.78 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना की जानकारी दी. यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-919 (NH-919) और राष्ट्रीय राजमार्ग-248A (NH-248A) के जंक्शन पर बनाया जाएगा. इसके बनने से स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग करने में मदद मिलेगी. साथ ही सोहना से गुजरने वाला ट्रैफिक सिग्नल-फ्री और सुगम हो सकेगा.
2.75 KM लंबा और 6-लेन का होगा एलिवेटेड कॉरिडोर
प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सोहना चौक पर बनाया जाएगा, जो गुरुग्राम, सोहना और नूंह के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण जंक्शन है. इस इलाके में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है. केंद्र सरकार की ओर से 340.78 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है. करीब 2.75 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन कॉरिडोर का उद्देश्य व्यस्त चौराहे पर यातायात को व्यवस्थित करना और वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना है.
स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक होगा अलग, जाम से मिलेगी राहत
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लंबी दूरी से आने-जाने वाले वाहनों को स्थानीय और क्रॉस ट्रैफिक से अलग किया जा सकेगा. इससे सोहना चौक पर वाहनों को बार-बार रुकने की जरूरत कम होगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से सोहना में यातायात सिग्नल-फ्री और निर्बाध हो सकेगा. इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों का समय बचेगा और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली-मुंबई और KMP एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
यह एलिवेटेड कॉरिडोर केवल सोहना चौक पर ट्रैफिक कम करने तक सीमित नहीं रहेगा. इससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (DME) और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है.
इन दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत होने पर लंबी दूरी के यात्रियों और मालवाहक वाहनों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा क्षेत्र में व्यापार, औद्योगिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
पुराने सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर से अलग है यह प्रोजेक्ट
सोहना में प्रस्तावित यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर पहले से चालू गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड रोड से अलग है. गुरुग्राम के राजीव चौक से सोहना को जोड़ने वाला पुराना छह-लेन मार्ग जुलाई 2022 में शुरू हुआ था. वहीं, नया 2.75 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विशेष रूप से सोहना चौक पर यातायात के दबाव और जाम की समस्या को दूर करने के लिए प्रस्तावित है. इसका उद्देश्य इस व्यस्त जंक्शन पर स्थानीय और बाहरी वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग करना है.
NH-919 और NH-248A पर रोजाना गुजरते हैं बड़ी संख्या में वाहन
NH-919 पलवल को सोहना और धारूहेड़ा के रास्ते रेवाड़ी से जोड़ता है. वहीं NH-248A गुरुग्राम से सोहना और नूंह होते हुए राजस्थान सीमा तक जाता है. इन दोनों मार्गों पर स्थानीय यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन भी चलते हैं. ऐसे में सोहना चौक पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होने और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है.
व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से सोहना, नूंह और आसपास के इलाकों में सड़क परिवहन व्यवस्था मजबूत हो सकती है. जाम कम होने से यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी. वहीं, बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियों, परिवहन और पर्यटन को भी लाभ मिलने की संभावना है.
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